
उदित वाणी, जमशेदपुर: लौहनगरी में सरस्वती पूजा लगभग हर बड़े शैक्षणिक संस्थान में बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है. सो, विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना की तैयारियां बुधवार की शाम को पूरी कर ली गई.
गुरुवार को सुबह सबसे पहले गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा, इसके बाद मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके लिए जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी से लेकर ग्रेजुएट कॉलेज और एलबीएसएम कॉलेज से लेकर एलबीएसएम हॉस्टल तक में खास तैयारियां की गई है.
एलबीएसएम कॉलेज में सरस्वती पूजा बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाता है.
इसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे इलाके के लोग पूजा करने व भोग ग्रहण करने के लिए आते हैं. वहीं विसर्जन के दिन तो करनडीह-हाता रोड पर विसर्जन जुलूस के कारण घंटों जाम लग जाता है.
इसी तरह विमेंस विश्वविद्यालय में भी छात्राओं ने सरस्वती पूजा की खास तैयारी कर ली है. यहां पूजा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे. उधर एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेश में भी इस बार गणतंत्र दिवस के साथ-साथ सरस्वती पूजा आयोजित किए जाने की तैयारी की गई है.
इसके लिए विशेष तौर पर भोग तैयार किया जाएगा। इधर सरकारी स्कूलों में भी सरस्वती पूजा की तैयारियां की गई है. चूंकि कोरोना संक्रमण काल के बाद इस बार पूरे छूट के साथ सरस्वती पूजा का आयोजन किया जा रहा है, इसलिए विद्या की देवी मां शारदे से आशीर्वाद पाने की आकांक्षा रखनेवाले विद्यार्थी वर्ग में खासा उत्साह है.
इसे लेकर शहर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष उमंग और उत्साह देखने को मिल रहा है. मूर्तिकारों को भी कोविड काल के नुकसान की भरपाई करने का मौका इस बार प्राप्त हुआ.
ऐसा इसलिए, क्योंकि कोविड समाप्त होने के बाद इस वर्ष स्कूल कॉलेज और हॉस्टल सहित शिक्षण संस्थानों में सामूहिक पूजा का आयोजन किया जाएगा. बसंत पंचमी की आहट से सरस्वती पूजा को लेकर जहां लोगों में उत्साह है वहीं बढ़ती महंगाई का असर भी बुधवार की शाम को पूजा सामग्री की कीमतों पर दिखा.
फल की कीमतों में 20 से 25 रुपये की वृद्धि कर दी गई. वहीं बढ़ती महंगी के कारण मां की प्रतिमा की कीमतों में वृद्धि हुई है. मूर्तिकार बताते हैं कि सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण प्रतिमा की कीमत में वृद्धि हुई है.
बताते चलें कि गुरुवार को मां सरस्वती की पूजा होगी। अबूझ मूहूर्त होने से इस दिन विवाह समेत शुभ कार्य बिना मुहूर्त निकाले किए जाएंगे. बसंत पंचमी 25 जनवरी को दोपहर 12:34 बजे लग गई है, जो 26 जनवरी के 12:35 बजे रहेगी. उदया तिथि के अनुसार 26 को ही मां सरस्वती की पूजा की जाएगी.
ये पर्व बसंत मौसम की शुरुआत का सूचक है, पूरे दिन अबूझ मुहूर्त रहेगा. इसका अर्थ है कि बसंत पंचमी का दिन बेहद शुभ होता है और इस दिन किसी भी नये कार्य की शुरुआत की जा सकती है.

