
उदित वाणी, कांड्रा: झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के तत्वाधान में टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स के 1.2 एमटीपीए इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण और विस्तार को लेकर आदित्यपुर स्थित ऑटोक्लस्टर सभागार में जनसुनवाई आयोजित की गई.
जिसमें जनप्रतिनिधियों ने किया विरोध किया जनसुनवाई कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा समेत बड़ी तादाद में कंपनी के आस-पास के गांव के ग्रामीण, राजनीतिक दल के कार्यकर्ता शामिल हुए जहां 2 घंटे से भी अधिक चले जनसुनवाई में गहमागहमी का माहौल रहा.
जनसुनवाई में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि कंपनी के प्रस्तावित है प्लांट विस्तारीकरण से 10 किलोमीटर दूर जनसुनवाई का आयोजन का कोई औचित्य नहीं है. उन्होंने कहा कि जनसनवाई में लोगों को बोलने का भी मौका नहीं दिया गया है. जो कंपनी के मंशा को जाहिर करता है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले को लेकर प्रदूषण नियंत्रण पर्षद रांची मुख्यालय में मामले की शिकायत की जाएगी. प्रदूषण के मुद्दे पर जनप्रतिनिधि- राजनीतिक दलों ने कंपनी को घेरा वर्तमान में टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स कंपनी द्वारा उत्पादन से प्रदूषण फैलाए जाने के मुद्दे को गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत विभिन्न पंचायत के मुखिया, जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के नेताओं ने जोरो से उठाया.
इस मुद्दे पर सभी ने एक सुर में जोरदार विरोध करते हुए प्रदूषण रोकथाम के उपाय की मांग रखी. भाजपा नेता रमेश हांसदा ने जनसुनवाई को अवैध करार देते हुए इसे कोर्ट में चुनौती देने की बात कही.
वहीं भाजपा अनुसूचित जनजाति प्रदेश कोषाध्यक्ष गणेश महाली ने कहा कि कंपनी के विस्तारीकरण का विरोध नहीं करते लेकिन कंपनी द्वारा प्रदूषण रोकथाम के उपाय को पहले किया जाना जरूरी है. भाजपा के गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष अमित सिंहदेव ने कहा कि कंपनी द्वारा की जा रही मनमानी को किसी हालत में चलने नहीं दिया जाएगा.
इतिहास में पहली बार देखा गया कि जनसुनवाई कंपनी से कई किलोमीटर दूर की जा रही है. आज तक जितने भी जनसुनवाई हुई है सभी कंपनी के आसपास करते हैं. और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी.

