
उदित वाणी, जमशेदपुर: कोल्हान विवि के वीसी प्रोफेसर गंगाधर पंडा का कार्यकाल 27 मई को खत्म होने जा रहा है. फर्जी डिग्री मामले में यूपी एसआईआटी द्वारा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद वे अपने तीन साल के कार्यकाल को पूरा करने में सफल रहे हैं.
तो क्या एसआईटी की जांच ठंडे बस्ते में चली जाएगी. यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों का कहना है कि वीसी के खिलाफ राजभवन में भी शिकायत की गई है. सेवानिवृत्ति के बाद भी उन पर कभी भी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है. कोल्हान विवि के इतिहास में उनका कार्यकाल विवादों में तो रहा ही है, उन पर आरोप लगे कि उन्होंने वैसे शिक्षकों पर जानबुझकर कार्रवाई की, जो उनके सिंडिकेट का हिस्सा नहीं थे.
एक ऐसे ही शिक्षक डॉ.अमर कुमार को जब वीसी ने यूनिवर्सिटी के पीजी विभाग से मनोहरपुर ट्रांसफर कर दिया, तो उन्होंने झारखंड हाई कोर्ट में वीसी के इस स्थानांतरण को चुनौती दे दी.
जूलॉजी के शिक्षक डॉ.अमर कुमार को जिस मनोहरपुर के कॉलेज में ट्रांसफर किया गया, वहां पर जूलॉजी पढ़ने वाले छात्र नहीं थे. झारखंड हाई कोर्ट ने वीसी के इस आदेश को रद्द करते हुए विवि को आदेश दिया है कि डॉ.अमर कुमार को पूर्ववत यूनिवर्सिटी में भेजा जाय.
इस आदेश के आलोक में 18 मई को रजिस्ट्रार की ओर से आदेश निर्गत कर अमर कुमार को यूनिवर्सिटी के पीजी विभाग में तुरंत भेजने का आदेश दिया गया है.

