
उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर में झारखंड का पहला ट्राइबल यूनिवर्सिटी खुलने जा रहा है. इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. जमशेदपुर के प्रोफेशनल इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए बने भवन में वर्तमान में इसका संचालन किया जाएगा.
ट्राइबल यूनिवर्सिटी के लिए अब कुलपति व प्रतिकुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पंडित रघुनाथ मुर्मू ट्राइबल यूनिवर्सिटी का संचालन प्रारंभिक तौर पर सिदगोड़ा स्थित प्रोफेशनल इंजीनियरिंग कॉलेज के नवनिर्मित भवन में किया जाना है. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने ट्राइबल यूनिवर्सिटी को ऑपरेशनल बनाने के लिए इन नियुक्तियों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
चांसलर पोर्टल पर इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं. प्रारंभिक रूप से यूनिवर्सिटी के लिए कुलपति, प्रतिकुलपति, रजिस्ट्रार और वित्तीय सलाहकार नियुक्त किए जाने हैं. इसके लिए योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं.
कुलपति पद के लिए ऐसे कैंडिडेट का आवेदन मांगा गया है, जिन्होंने कम से कम 10 साल किसी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के तौर पर सेवा दी हो और जिनके पास प्रशासनिक अनुभव हो. इन सभी पदों के लिए 10 फऱवरी से ही आवेदन का लिंक चांसलर पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया गया है और आवेदन के नियम व शर्तें भी जारी कर दी गई हैं.
आवेदन 10 मार्च तक लिए जाएंगे. इसके बाद सर्च कमेटी की ओर से साक्षात्कार लिए जाने के बाद कुलपति के नाम को अंतिम रूप से चयनित कर कुलाधिपति के पास नोटिफिकेशन के लिए भेजा जाएगा.
इन पदों पर नियुक्ति होते ही पंडित रघुनाथ मुर्मू ट्राइबल यूनिवर्सिटी जमशेदपुर में ऑपरेशनल हो जाएगा. इसके बाद अगले सत्र के दाखिले की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी.
ट्राइबल यूनिवर्सिटी में होगा जनजातीय अध्ययन व अनुसंधान
इस विश्वविद्यालय की स्थापना झारखंड के आदिवासियों की संस्कृति-साहित्य व परंपराओं को लेकर शिक्षण संस्कृति विकसित करने की लिए की गई है. यह विवि मुख्य रूप से जनजातीय आबादी के लिए जनजातीय अध्ययन पर उच्च शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएं प्रदान करेगा.
जनजातीय केंद्रित सामाजिक विज्ञान, कला, संस्कृति, भाषा और भाषा विज्ञान, विज्ञान, वन आधारित आर्थिक गतिविधियां आदि पर शिक्षण और अनुसंधान किया जाएगा. देश-विदेश के अन्य विवि व संगठनों के साथ मिलकर आदिवासी आबादी पर सांस्कृतिक अध्ययन और अनुसंधान, आदिवासी केंद्रित विकास मॉडल तैयार करना इस विवि का उद्देश्य होगा.
इस विवि का लक्ष्य अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक, शैक्षिक अऔर आर्थिक स्थितियों में सुधार अर कल्याण एवं बौद्धिक, शैक्षणिक अऔर सांस्कृतिक विकास पर विशेष ध्यान देना होगा.
कोल्हान विवि के कुलपति का कार्यकाल भी दो माह में होगा समाप्त
कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गंगाधर पंडा का कार्यकाल समाप्त होने वाला है. मई 2023 में वे तीन साल का कार्यकाल पूरा करेंगे. उन्होंने मई 2020 में केयू के कुलपति का पदभार संभाला था.
प्रो. पंडा के कार्यकाल समाप्त होने में तीन महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में जल्द ही नए कुलपति की खोज के लिए सर्च कमेटी गठित की जाएगी, ताकि कार्यकाल समाप्त होने से पहले सर्च कमेटी कुलपति की नियुक्ति कर सके. यह पूरी प्रक्रिया कुलाधिपति सह राज्यपाल के स्तर पर कराई जानी है.
कोल्हान विवि में कुलपति का पद रिक्त होने की चर्चा के साथ ही दस साल तक बतौर प्रोफेसर सेवा दे चुके शिक्षकों में इस पद को लेकर दावेदारी की भी सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है.
झारखंड में वर्षों से कॉलेज शिक्षकों की प्रोन्नति प्रोफेसर पद पर हुई ही नहीं है, इसिलए इस पद की दावेदारी करने योग्य प्रोफेसरों की संख्या पूरे झारखंड में कम हैं. अगर कोल्हान विश्वविद्यालय की बात करें तो यहां सिर्फ एक ही शिक्षक इस पद के लिए आवेदन करने के योग्य हैं.
बहरहाल, कुलपति का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही विश्वविद्यालय में अन्य कई पदों पर कार्यकाल पूरा होने के बाद भी आसीन पदाधिकारियों को भी बदलने की तैयारियां शुरू कर दी गई है.

