
उदित वाणी जमशेदपुर: पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब पेट्रोलियम उत्पादों की मांग पर भी दिखने लगा है. शहर में एलपीजी, सीएनजी और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर अभी तक बड़ा असर नहीं पड़ा है, लेकिन लोगों में संभावित संकट को लेकर पैनिक की स्थिति बन गई है. घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग में 25 दिनों का लॉकिंग पीरियड लागू होने के कारण लोग जरूरत नहीं होने पर भी अतिरिक्त सिलिंडर बुक करा रहे हैं.
गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन लगभग 500 घरेलू सिलिंडर की खपत होती थी, वहीं इन दिनों बुकिंग बढ़कर 650 से 700 तक पहुंच गई है. हालांकि एजेंसी संचालकों का कहना है कि गैस कंपनियों की ओर से सप्लाई में किसी प्रकार की कटौती नहीं की गई है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है.
पेट्रोल पंपों पर बढ़ी खपत
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार शहर में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई नियमित है, लेकिन लोगों के पैनिक के कारण खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. एक पेट्रोल पंप संचालक आनंद सिंह ने बताया कि उनके पंप पर प्रतिदिन पेट्रोल की औसत खपत लगभग 7 हजार लीटर थी, जो इन दिनों बढ़कर 9 से 10 हजार लीटर तक पहुंच गई है. लोग एहतियातन अपने वाहनों की टंकी फुल करा रहे हैं.
हॉर्मुज जलमार्ग से सप्लाई प्रभावित
मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते गैस और तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है. करीब 167 किलोमीटर लंबा यह महत्वपूर्ण जलमार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है. मौजूदा हालात में सुरक्षा जोखिम के कारण कई तेल टैंकर इस मार्ग से गुजरने से बच रहे हैं, जिसका असर वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहा है.
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता
गैस एजेंसियों को फिलहाल निर्देश दिया गया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस वितरण किया जाए. जमशेदपुर में विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से प्रतिदिन 150 से 1000 तक कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति होती है. पैनिक के कारण मांग अचानक बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. एजेंसियों का कहना है कि इतनी अधिक मांग को पूरा करने के लिए सामान्यतः दो की जगह आठ वाहनों की जरूरत होगी, जो फिलहाल संभव नहीं है.
क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम
आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 ऐसा कानून है, जो सरकार को अनाज, दाल, खाद्य तेल, दवाइयों और ईंधन जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रित करने का अधिकार देता है. यदि किसी वस्तु की कमी या कीमतों में अत्यधिक वृद्धि होती है, तो सरकार इस कानून के तहत व्यापारियों के लिए स्टॉक की सीमा तय कर सकती है.

