
उदित वाणी, जमशेदपुर: औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत समस्याओं और भूमि आवंटन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए जियाडा भवन सभागार, आदित्यपुर में बैठक आयोजित की गई. बैठक में जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन और क्षेत्रीय उपनिदेशक दिनेश रंजन भी उपस्थित थे.
बुनियादी सुविधाओं पर केंद्रित रही चर्चा.
बैठक में उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की जर्जर सड़कों, अपर्याप्त स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और लेवी से संबंधित तकनीकी एवं प्रशासनिक जटिलताओं को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया. उनका कहना था कि आधारभूत ढांचे की कमी से उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक्स पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जिससे प्रतिस्पर्धात्मकता भी प्रभावित हो रही है.
समाधान के लिए सकारात्मक पहल का आश्वासन.
प्रबंध निदेशक वरुण रंजन ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और समयबद्ध पहल की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित हो सके.
भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर.
बैठक में नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार हेतु भूमि आवंटन की मांग पर भी विस्तार से चर्चा हुई. उद्यमियों ने प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने का आग्रह किया. प्रबंध निदेशक ने भरोसा दिलाया कि औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि से संबंधित बाधाओं को दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे.
बैठक में सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मानव केडिया, आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्र अग्रवाल, लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विनोद शर्मा, इसरो के अध्यक्ष रूपेश कतरियार सहित समीर सिंह, प्रवीण गुटगुटिया, स्वपन मजूमदार, संतोख सिंह, देवांग गांधी, संदीप मिश्रा, अशोक गुप्ता, विकास गर्ग और राजीव शुक्ला सहित कई उद्यमी उपस्थित थे.

