
उदित वाणी, जमशेदपुर: उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार समाहरणालय सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अनिकेत सचान ने की. बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई और वित्तीय वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए.
स्वच्छ भारत मिशन के प्रमुख बिंदु
राज्य समन्वयक (MIS) ने पॉवर पॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से मिशन की प्रगति, ठोस और तरल कचरे के प्रबंधन, और पेयजल एवं स्वच्छता से संबंधित संरचनाओं के निर्माण पर प्रकाश डाला. बैठक में यह चर्चा हुई कि मिशन के कार्यों को पेयजल, स्वच्छता, पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से आगे बढ़ाया जाएगा.
ओडीएफ प्लस मॉडल का लक्ष्य
उप-विकास आयुक्त ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का द्वितीय चरण न केवल गांवों को खुले में शौच मुक्त (ODF) बनाए रखने पर केंद्रित है, बल्कि ठोस और तरल कचरे के प्रबंधन के जरिए सम्पूर्ण स्वच्छता के स्तर को बढ़ाने का प्रयास भी कर रहा है. उन्होंने अबुआ आवास योजना के लाभार्थियों को शौचालय योजना के तहत कवर करने का निर्देश दिया.
छह प्रमुख घटकों पर विशेष ध्यान
उप-विकास आयुक्त ने ओडीएफ प्लस के छह प्रमुख घटकों पर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की. इनमें शामिल हैं:
खुले में शौच मुक्त स्थिति बनाए रखना.
ठोस कचरा प्रबंधन.
तरल कचरा प्रबंधन.
गोबर-धन और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन.
सुरक्षित माहवारी प्रबंधन.
मलीय कचरा प्रबंधन और पंचायत स्तर पर पृथककरण शेड का निर्माण.
समन्वय और कार्यों की गति
सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि वे निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करें और 15वें वित्त आयोग एवं मनरेगा के अभिसरण माध्यम से इन कार्यों को शीघ्र पूरा करें. उप-विकास आयुक्त ने आपसी समन्वय के साथ कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने का आह्वान किया.
बैठक में भागीदारी
बैठक में एसीएमओ डॉ. जोगेश्वर प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव, जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष पांडेय, पेयजल विभाग के कार्यपालक अभियंता जमशेदपुर और आदित्यपुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला समन्वयक SLWM, IEC एवं MIS के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.

