
उदित वाणी जमशेदपुर: अविभाजित बिहार राज्य के समय बांग्ला भाषा की शिक्षा के सुचारू संचालन हेतु बांग्ला अकादमी का प्रभावी ढंग से संचालन किया जाता था। इसके माध्यम से बालवाड़ी से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक के छात्र-छात्राएं बांग्ला भाषा में शिक्षा प्राप्त कर सकते थे।
लेकिन बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य के गठन के बाद अब तक बांग्ला अकादमी की स्थापना नहीं हो पाई है।
इसके परिणाम स्वरूप राज्य में बांग्ला भाषा की शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है और वर्तमान में यह शिक्षा व्यवस्था लगभग विलुप्ति के कगार पर पहुँच गई है।
राज्य में बांग्ला भाषा की शिक्षा को संरक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से निरसा विधायक अरूप चटर्जी के द्वारा विधानसभा सत्र के दौरान झारखंड में बांग्ला अकादमी के गठन की मांग उठाई गई है।
झारखंड बांग्लाभाषी उन्नयन समिति ने विधायक अरूप चटर्जी को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए हार्दिक धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट किया है। साथ ही समिति की ओर से मुख्यमंत्री से आग्रह है कि राज्य के अनुमानित एक करोड़ बांग्ला भाषी नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए झारखंड में शीघ्र “बांग्ला अकादमी” की स्थापना की जाए, ताकि बांग्ला भाषा की शिक्षा, संस्कृति और साहित्य को संरक्षित एवं विकसित किया जा सके।

