
उदित वाणी, जमशेदपुर: सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल 2026–27 के लिए नए पदाधिकारियों की घोषणा वार्षिक बैठक 2026 में की गई. इस अवसर पर उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों की उपस्थिति में नई टीम का गठन किया गया.
दिलू पारिख बने चेयरमैन.
वैदेही मोटर्स प्रा. लि. के निदेशक दिलू पारिख को वर्ष 2026–27 के लिए सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल का चेयरमैन निर्वाचित किया गया है. जमशेदपुर में जन्मे और पले-बढ़े श्री पारिख लंबे समय से पारिवारिक ऑटोमोबाइल व्यवसाय से जुड़े हैं, जो मर्सिडीज-बेंज यात्री कारों और टाटा मोटर्स के वाणिज्यिक वाहनों की डीलरशिप संचालित करता है.
वे वर्षों से सीआईआई से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं और संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. वे सीआईआई जमशेदपुर जोन के जोनल चेयरमैन तथा सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल के वाइस चेयरमैन के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. उनके नेतृत्व में उद्योगों की सहभागिता सुदृढ़ करने और क्षेत्रीय विकास पहलों को गति देने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास किए गए.
पारिख फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन, झारखंड के पूर्व चेयरपर्सन रह चुके हैं तथा एयर पैसेंजर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की कार्यकारिणी समिति के सदस्य भी रहे हैं. पेशेवर दायित्वों के अतिरिक्त उन्हें हवाई जहाजों के मॉडल संग्रह करने का विशेष शौक है और गोल्फ उनका प्रिय खेल है.
डीबी सुंदर रामम बने वाइस चेयरमैन.
टाटा स्टील लिमिटेड में वाइस प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट सर्विसेज के पद पर कार्यरत डीबी सुंदर रामम को वर्ष 2026–27 के लिए सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल का वाइस चेयरमैन निर्वाचित किया गया है.
उन्होंने वर्ष 1990 में एनआईटी राउरकेला से माइनिंग विषय में बीएससी इंजीनियरिंग की उपाधि प्राप्त करने के बाद टाटा स्टील में ग्रेजुएट ट्रेनी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की. पिछले 35 वर्षों में उन्होंने रॉ मटेरियल्स डिवीजन और फेरो एलॉयज डिवीजन के अंतर्गत कोयला एवं लौह अयस्क खदानों में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं. वे टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में भी सेवा दे चुके हैं.
वर्तमान में वे कॉर्पोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत हैं और उनके पास डीजीएमएस से कोयला खदानों के लिए प्रथम श्रेणी माइन मैनेजर का दक्षता प्रमाणपत्र है. वर्ष 1999 में उन्होंने एक्सएलआरआई, जमशेदपुर से जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम पूरा किया.
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण का अनुभव.
देश में विभिन्न आंतरिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अतिरिक्त उन्होंने यूके में टाटा ग्रुप एग्जीक्यूटिव लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम, ब्रिस्बेन स्थित सस्टेनेबल मिनरल इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण, फ्रांस में CEDEP के सीनियर एग्जीक्यूटिव मैनेजमेंट प्रोग्राम तथा ग्लोबल लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम में भाग लिया है.
वर्तमान में वे माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हैं और सस्टेनेबल माइनिंग तथा नवाचार विषयों पर कई शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं. वे टाटा स्टील मिनरल कनाडा लिमिटेड और टाटा स्टील फाउंडेशन के गवर्निंग बोर्ड में निदेशक हैं. इसके अतिरिक्त वे TSUISL, TSSSL और TSSEZ के चेयरमैन होने के साथ विभिन्न संस्थाओं और समितियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

