
उदित वाणी, जमशेदपुर: बीपीएम प्लस टू हाई स्कूल और सिस्टर नवेदिता इंग्लिश हाई स्कूल बर्मामाइंस के 80 छात्रों के एक समूह ने तीन शिक्षकों, सबिता सिंह, सोमा सरकार और डॉ. अंजू कुमारी के साथ सोमवार 26 सितंबर को राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) जमशेदपुर का भ्रमण किया.
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के 81वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर यह आयोजन हुआ. कार्यक्रम तीन घंटे के लिए निर्धारित किया गया था, जिसमें सीएसआईआर और एनएमएल वृत्तचित्र फिल्म शो भी शामिल हैं. डॉ.पीएन मिश्रा, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक ने स्वागत भाषण दिया.
उन्होंने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी और 81वां सीएसआईआर स्थापना दिवस के उत्सव के अवलोकन पर चर्चा की. इसके अलावा उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी की विभिन्न शाखाओं में सीएसआईआर के योगदान पर चर्चा की. सीएसआईआर द्वारा आविष्कार किए गए उत्पादों जैसे अमूल बेबी फूड, सोनालिका ट्रैक्टर और आमलोगों द्वारा उपयोग की जाने वाली चमड़े की वस्तुओं के बारे में बात की.
मिश्रा ने बताया कि उद्योगों के लिए उपयुक्तता के अनुसार विभिन्न प्रकार की धातुओं जैसे रणनीतिक उत्पाद लो कॉम्बैट एयर क्राफ्ट डिफेंस और मिश्र धातुओं का विकास किया गया. इनके अलावा सीएसआईआर द्वारा रसायन, दवाओं आदि के क्षेत्र में कई उत्पादों का आविष्कार किया गया है.
एसएन. हेम्ब्रम, प्रधान तकनीकी अधिकारी ने प्रयोगशाला दौरे के दौरान छात्रों की सहायता की. छात्र एशिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रीप परीक्षण प्रयोगशाला, वर्कशॉप, विश्लेषणात्मक और अनुप्रयुक्त रसायन विज्ञान प्रभाग, शहरी अयस्क पुनर्चक्रण केंद्र और संग्रहालय का दौरा किए.
संग्रहालय रहा आकर्षण का केन्द्र
एनएमएल संग्रहालय भी छात्रों के बीच आकर्षण का केंद्र था. इसमें एनएमएल द्वारा विकसित नवीनतम और पुरानी तकनीकों और विभिन्न उत्पादों को उजागर करने वाले बहुत सारे नमूनों और दीवार पर लगे पोस्टरों के साथ अच्छी तरह से सजाए गए संग्रहालय का दिखाया गया था.
अंत में शिक्षकों और छात्रों ने गहन ज्ञान प्राप्त करने के लिए निकट भविष्य में प्रयोगशाला में अपनी अगली भ्रमण का अनुरोध किया. शिक्षकों ने अपने विचार व्यक्त किए और भारत में विकसित विभिन्न क्षेत्र में निरंतर प्रयास और अनुसंधान के क्षेत्र में जानकारी प्राप्त कर संतुष्ट हुए.

