
उदित वाणी, रांची : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस पार्टी द्वारा “वी बी गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” योजना के विरोध को लेकर तीखा प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि हर गरीब, जनजाति और पिछड़े वर्ग को सम्मानजनक रोजगार देने के लिए केंद्र सरकार ने “जी राम जी योजना” की शुरुआत की है, लेकिन कांग्रेस को गरीबों का भला होता देखना मंजूर नहीं.
मरांडी ने कहा कि इस नई योजना में अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 की जगह 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी. यदि काम नहीं मिलता है, तो बेरोजगारी भत्ता भी मिलेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को केवल लूट और भ्रष्टाचार वाली योजनाएं ही पसंद हैं, वहीं भाजपा सरकार गरीबों के हित में पारदर्शिता के साथ काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि जिस मनरेगा की बात कांग्रेस कर रही है, उस पर देश में अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जिसमें से 8.53 लाख करोड़ रूपये मोदी सरकार ने ही खर्च किए हैं.
मरांडी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा योजनाओं के नाम बदलने पर विरोध करना हास्यास्पद है, क्योंकि सबसे पहले नाम बदलने की परंपरा कांग्रेस ने ही शुरू की थी. इंदिरा गांधी ने 1980 में “राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम” शुरू किया, राजीव गांधी ने उसका नाम “जवाहर रोजगार योजना” रखा, और बाद में कांग्रेस सरकार ने उसे “नरेगा” और “मनरेगा” कर दिया. इसी तरह ग्रामीण आवास योजना को “इंदिरा आवास योजना” और विद्युतीकरण योजना को “राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना” बनाया गया.
मरांडी ने कहा कि “जी राम जी योजना” महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप बनाई गई है, जो ग्रामीणों की गरिमा और आत्मनिर्भरता को बल देती है. नई योजना में डिजिटल मॉनिटरिंग, रियल-टाइम डेटा, एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन जैसी तकनीकें जोड़ी गई हैं ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और सही लाभार्थियों को काम मिले.
उन्होंने कहा कि इस योजना में किसानों और मजदूरों दोनों के हितों का ध्यान रखा गया है. बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिन कार्य बंद रहेगा, जबकि मजदूरी भुगतान साप्ताहिक होगा.
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विकसित भारत और भगवान श्रीराम दोनों से नफरत करती है, इसलिए वह जनहित योजनाओं का विरोध कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में लगभग 600 संस्थानों, योजनाओं और पुरस्कारों का नाम केवल नेहरू-गांधी परिवार के सदस्यों पर रखा. मोदी सरकार ने इस परंपरा को बदलते हुए योजनाओं को “नाम नहीं, सेवा” से जोड़ा है — जैसे राजपथ को कर्तव्य पथ और रेसकोर्स रोड को लोक कल्याण मार्ग नाम दिया गया.
मरांडी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य “विकसित भारत” का संकल्प पूरा करना है, और “जी राम जी योजना” उसी दिशा में एक ठोस कदम है. कांग्रेस की दिग्भ्रमित करने की कोशिशों से देश के विकास की प्रक्रिया रुकने वाली नहीं है.

