
उदित वाणी,जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम के प्राथमिक शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए जिला शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की औपबंधिक वरीयता सूची जारी कर दी गई है. फिलहाल इस वरीयता सूची पर शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को त्रुटि होने की स्थिति में दावा-आपत्ति करने का मौका गिया है.
दावा-आपत्ति के निपटारे के बाद प्रोन्नति के लिए शिक्षकों की फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी. इस बीच झारखंड अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ ने इस वरीयता सूची को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
पूरी सूची को संघ ने त्रुटियों से भरपूर करार दिया है. इसे लेकर शनिवार को शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधीक्षक निशु कुमारी को एक ज्ञापन सौंपा. इसमें कहा गया है कि प्रोन्नति के लिए सभी प्राथमिक शिक्षकों की वरीयता सूची जारी कर दी गई है, जबकि 1993 नियमावली के अनुसार, प्रत्येक वर्ष वरीयता सूची का प्रकाशन कर अहर्ता रखने वाले शिक्षकों को ग्रेड-4 एवं अन्य ग्रेडों में प्रोन्नति देना है.
संघ का कहना है कि औपबंधिक वरीयता सूची के प्रकाशन से योग्य शिक्षकों को वैचारिक रूप से प्रोन्नति दी जानी चाहिए थी. 2016 में नियुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों को सूची में 1994 में नियुक्त एवं 2017 में ग्रेड-4 प्राप्त शिक्षकों से ऊपर दर्शाया गया है, जो वरीय शिक्षकों के साथ अन्याय है.
विभागीय आदेश के बावजूद वैचारिक रूप से प्रोन्नति न देकर कनीय शिक्षकों को वरीयता सूची में ऊपर रखना उचित नहीं है. बहरहाल, जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय की ओर से प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए जारी औपबंधिक मास्टर वरीयता सूची को झारखंड अराजपत्रित प्राथमिक शिक्षक संघ ने त्रुटियुक्त करार दिया है.
शुक्रवार को संघ की ओर से जिला शिक्षा अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर इन त्रुटियों को दूर करने की मांग की गई है.
प्रोन्नति को जारी वरीयता सूची में 2701 शिक्षकों के नाम
जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय की ओर से जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं का विभागीय निर्देशानुसार झारखंड शिक्षक प्रोन्नति नियमावली 1993 के तहत विभिन्न ग्रेड में प्रोन्नति देने हेतु औपबंधिक मास्टर वरीयता सूची तैयार कर ली गई है.
इस सूची को प्रकाशित भी कर दिया गया है. इसी के आधार पर शिक्षकों को प्रोन्नति दी जानी है। शिक्षा विभाग की ओर से तैयार सूची में कुल 2701 शिक्षकों के नाम शामिल किए गए हैं. इन शिक्षकों को एक साथ प्रोन्नत किया जाना है. गौरतलब है कि प्राथमिक शिक्षकों की प्रोन्नति लंबे समय से लंबित थी.
अब इसको लेकर फाइल आगे बढ़ाई गई है. पिछले दिनों प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से पूर्वी सिंहभूम की जिला शिक्षा अधीक्षक से प्राथमिक शिक्षकों की प्रोन्नति से संबंधित रिपोर्ट मांगी गई थी.
इसके बाद अब शिक्षकों की नियुक्ति तिथि, विद्यालय में योगदान देने की तिथि और लोक सेवा आयोग की अनुशंसा पर नियुक्त शिक्षकों के मेधा क्रमांक के आधार पर 2701 प्राथमिक शिक्षकों की वरीयता सूची बनाई गई है. बताते चलें कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसी साल फरवरी में प्राथमिक शिक्षकों के हितों को लेकर आदेश जारी किया था.
इसके बाद आठ फरवरी को रांची व अन्य जिलों में प्राथमिक शिक्षकों की प्रोन्नति में विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियां की जांच व आवश्यक सुझाव देने के लिए विभागीय समिति का गठन किया गया था. विभाग ने गठित विभागीय समिति से प्राथमिक शिक्षकों की प्रोन्नति से संबंधित विभिन्न समस्याओं की रिपोर्ट मांगी थी.
वरीयता सूची पर 12 तक आपत्ति दर्ज करने का मौका
जिले के प्राथमिक शिक्षकों को वरीयता सूची में त्रुटि होने पर शिक्षा विभाग में दावा आपत्ति दर्ज करने एक मौका दिया गया है. शिक्षकों की सूची में उनकी पूरी जानकारी दी गई है. उक्त सूची में किसी तरह की त्रुटि होने पर शिक्षकों को वरीयता में नुकसान हो सकता है.
इसलिए इसमें 12 जून तक संशोधन का मौका दिया गया है. त्रुटि को अंकित कर शिक्षकों को मिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में दावा प्रस्तुत करना है. इसके बाद दावे पर शिक्षा विभाग सूची में संशोधन करेगा.

