उदित वाणी, मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के पिता मंसूर अली खान पटौदी भारतीय क्रिकेट इतिहास के दिग्गज खिलाड़ी रहे हैं. ‘टाइगर’ के नाम से मशहूर पटौदी की प्रतिष्ठा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके सम्मान में ‘पटौदी ट्रॉफी’ की शुरुआत की गई थी. अब खबरें आ रही हैं कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) इस ट्रॉफी को रिटायर करने की योजना बना रहे हैं.
पटौदी ट्रॉफी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पटौदी ट्रॉफी की शुरुआत 2007 में भारत और इंग्लैंड के बीच 1932 में खेली गई पहली टेस्ट सीरीज की याद में की गई थी. यह ट्रॉफी इंग्लैंड में खेले जाने वाले भारत-इंग्लैंड टेस्ट मुकाबलों का हिस्सा रही है. लेकिन अब बीसीसीआई और ईसीबी इसे समाप्त करने पर विचार कर रहे हैं.
शर्मिला टैगोर की प्रतिक्रिया
इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए मंसूर अली खान पटौदी की पत्नी और वरिष्ठ अभिनेत्री शर्मिला टैगोर ने अपनी नाराजगी जाहिर की. हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में उन्होंने बताया कि ईसीबी की ओर से सैफ अली खान को एक पत्र भेजा गया है, जिसमें ट्रॉफी को रिटायर करने की जानकारी दी गई है.
उन्होंने कहा, “मुझे बीसीसीआई की ओर से कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन ईसीबी ने सैफ को पत्र भेजकर यह बताया कि वे पटौदी ट्रॉफी को समाप्त कर रहे हैं. अगर बीसीसीआई टाइगर की विरासत को सहेजना चाहता है या नहीं, यह पूरी तरह उनके निर्णय पर निर्भर करता है.”
क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया का इंतजार
पटौदी ट्रॉफी का भारतीय क्रिकेट इतिहास में विशेष स्थान रहा है. ऐसे में बीसीसीआई और ईसीबी के इस निर्णय पर क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों की क्या प्रतिक्रिया होगी, यह देखना दिलचस्प होगा.
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