
उदित वाणी, जमशेदपुर : सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) जमशेदपुर ने 5 दिसंबर को सेंट्रल पब्लिक स्कूल आदित्यपुर के 37 छात्रों और 3 शिक्षकों के लिए एक प्रयोगशाला भ्रमण का आयोजन किया. इसका उद्देश्य वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देना और उन्हें वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार की दुनिया से परिचित कराना था. यह कार्यक्रम सीएसआईआर-जिज्ञासा वर्चुअल प्रयोगशाला परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया था. सुबह एक उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया. उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. शर्मिष्ठा सागर (मुख्य वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष, आईएमडीसी) के स्वागत भाषण से हुई. उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी उपस्थित लोगों का स्वागत किया और विभिन्न तकनीकी विकासों और अग्रणी कार्यों के माध्यम से पिछले 75 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में हमारे राष्ट्र के विकास में सीएसआईआर-एनएमएल के योगदान का संक्षेप में उल्लेख किया. उन्होंने सीएसआईआर-एनएमएल के महत्व और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों में इसके योगदान पर भी चर्चा की.
वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ाना मकसद
आईएमडीसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनिमेष जाना ने जिज्ञासा कार्यक्रम के उद्देश्यों पर चर्चा की. उन्होंने स्कूली छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देने और वैज्ञानिकों व युवा मस्तिष्कों के बीच संबंध को मज़बूत करने के कार्यक्रम के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला. कार्यक्रम में अनुप्रयुक्त एवं विश्लेषणात्मक रसायन विज्ञान प्रभाग, रेंगना परीक्षण सुविधाएं, धातुओं का गैर-विनाशकारी परीक्षण, ई-अपशिष्ट पुनर्चक्रण और प्रदर्शन जैसी कुछ अनुसंधान प्रयोगशालाओं का दौरा शामिल था. कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और सामूहिक फोटोग्राफी के साथ हुआ.

