
उदित वाणी, नई दिल्ली : फरवरी 2019 में शुरुआत के बाद से भारतीय रेलवे की वंदे भारत एक्सप्रेस ने देश में रेल यात्रा का चेहरा बदल दिया है. ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्वदेश में निर्मित यह अति आधुनिक सेमी हाई–स्पीड ट्रेन अब तक 7.5 करोड़ से अधिक यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा प्रदान कर चुकी है. देशभर के विभिन्न मार्गों पर वर्तमान में वंदे भारत की 164 ट्रेन सेवाएँ संचालित हो रही हैं, जो भारत के प्रमुख शहरों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को आधुनिक रेल कनेक्टिविटी से जोड़ रही हैं.
रेल मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, वंदे भारत सेवाएँ अब देश के 274 जिलों तक पहुँच बना चुकी हैं. इससे न केवल आम यात्रियों की सुविधा बढ़ी है, बल्कि पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को भी नई रफ्तार मिली है. दिल्ली–वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस राष्ट्रीय राजधानी को भारत की आध्यात्मिक राजधानी से जोड़ते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को तेज़ और भरोसेमंद विकल्प देती है, वहीं श्रीनगर–श्री माता वैष्णो देवी कटरा मार्ग पर चल रही वंदे भारत ट्रेन धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए जम्मू–कश्मीर क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत कर रही है. इस मार्ग पर वंदे भारत सेवा का उद्घाटन 6 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.
दक्षिण भारत में बेंगलुरु–हैदराबाद वंदे भारत सेवा आईटी पेशेवरों, व्यापारिक यात्रियों और नियमित यात्रियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है. यह ट्रेन भारत के दो प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक केंद्रों के बीच त्वरित, समयबद्ध और आरामदायक यात्रा विकल्प उपलब्ध कराती है.
वंदे भारत ट्रेनसेट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं. इन ट्रेनों में स्वचालित प्लग डोर्स, घूमने वाली आरामदायक सीटें, बायो–वैक्यूम शौचालय, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली, पूर्ण सीसीटीवी निगरानी, बेहतर एर्गोनॉमिक डिजाइन और उन्नत सुरक्षा मानक उपलब्ध हैं. इन सुविधाओं के कारण यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव मिलता है और यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता तथा सुविधा के उच्च मानक सुनिश्चित होते हैं. चिनाब ब्रिज जैसे जटिल और दर्शनीय रूटों पर वंदे भारत का संचालन भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता और आधुनिक रेल तकनीक का प्रतीक बन चुका है.
साल 2019 में केवल एक वंदे भारत सेवा से शुरू हुई यह यात्रा आज 164 ट्रेनों के विस्तृत नेटवर्क में बदल चुकी है. ये ट्रेनें हर महीने लाखों यात्रियों को परिवहन सुविधा प्रदान कर रही हैं, व्यापारिक यात्रियों की उत्पादकता बढ़ा रही हैं, परिवारों को आरामदायक और समयबद्ध यात्रा दे रही हैं तथा श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सम्मानजनक और सुगम यात्रा विकल्प उपलब्ध करा रही हैं. साथ ही, सड़क और हवाई यात्रा की तुलना में वंदे भारत द्वारा कम कार्बन उत्सर्जन होने से पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान हो रहा है.
रेलवे के अनुसार, वंदे भारत को मिली व्यापक लोकप्रियता देशभर में विश्वस्तरीय रेल अवसंरचना की बढ़ती मांग का संकेत है. वंदे भारत एक्सप्रेस के साथ–साथ अमृत भारत एक्सप्रेस और नमो भारत रैपिड रेल जैसी हाई–टेक सेवाएँ भी यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. भविष्य की योजनाओं में प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो रातभर की लंबी दूरी की यात्रा को नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए तैयार है. यह सेवा गति, आराम, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का ऐसा संयोजन प्रस्तुत करेगी, जो भारतीय रेल यात्राओं को वैश्विक मानकों के समकक्ष खड़ा करेगा.

