
उदित वाणी, पोटका : टाटा-हावड़ा मुख्य रेल लाइन पर स्थित राखा माइंस रेलवे स्टेशन पर गुरुवार से उत्कल एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हो गया. करीब 30 वर्षों से चली आ रही मांग पूरी होने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल देखा गया.
गुरुवार सुबह करीब पांच बजे जब ट्रेन स्टेशन पहुंची तो स्थानीय लोगों ने ट्रेन पायलट को माला पहनाकर स्वागत किया और यात्रियों के बीच लड्डू बांटे. स्टेशन परिसर में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था.
ठहराव के लिए करना पड़ा लंबा संघर्ष
राखा माइंस स्टेशन छोटा स्टेशन होने के बावजूद क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. यहां स्टील एक्सप्रेस, इस्पात एक्सप्रेस और उत्कल एक्सप्रेस के ठहराव के लिए स्थानीय लोगों को वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा.
इस मांग को लेकर लोगों ने क्रमिक धरना, एक दिवसीय भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे आंदोलनों का सहारा लिया. लगातार आंदोलन के बाद पहले स्टील एक्सप्रेस और इस्पात एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हुआ.
1985 में बनी थी संयुक्त संघर्ष समिति
इस मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने वर्ष 1985 में संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया था. इसकी पहली बैठक माटीगोरा स्थित मारवाड़ी धर्मशाला में हुई थी, जिसमें केवल छह लोग शामिल हुए थे.
उस समय झारखंड पार्टी के स्व. गोपीनाथ सोरेन, आजसू के फागू सामंत, कांग्रेस के स्व. डॉ. अशोक अग्रवाल, चतुर्भुज अग्रवाल, समाजसेवी स्व. राम कुमार गुप्ता, छात्र संगठन के अनिल कुमार अग्रवाल और पत्रकार वीरेंद्र कुमार सिंह सहित कई लोगों ने आंदोलन को आगे बढ़ाया. समय के साथ आंदोलन में लोगों की भागीदारी बढ़ती गई.
रेल अधिकारियों से बैठक और आंदोलन साथ-साथ
इस दौरान समिति के प्रतिनिधियों ने खड़गपुर के डिविजनल रेल मैनेजर के साथ कई बार बैठक की. एक ओर अधिकारियों के साथ बातचीत होती रही, वहीं दूसरी ओर आंदोलन भी जारी रहा.
समिति ने उस समय के सांसद से स्टील एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की थी, लेकिन शुरुआत में इसे संभव नहीं बताया गया. बाद में तत्कालीन रेल मंत्री माधव राव सिंधिया ने राखा माइंस में स्टील एक्सप्रेस के ठहराव की घोषणा की. इसके बाद भी समिति ने आंदोलन जारी रखा और इस्पात एक्सप्रेस तथा उत्कल एक्सप्रेस के ठहराव की मांग उठाती रही.
सांसद विद्युत वरण महतो को दी बधाई
लंबे समय तक यह मांग लंबित रही, लेकिन समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने इसे जीवित रखा और जनप्रतिनिधियों के सामने लगातार उठाते रहे. अंततः वर्तमान सांसद विद्युत वरण महतो के प्रयास से उत्कल एक्सप्रेस का ठहराव संभव हो सका.
उत्कल एक्सप्रेस का ठहराव शुरू होने पर संयुक्त संघर्ष समिति और स्थानीय लोगों ने सांसद विद्युत वरण महतो को बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की.

