
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन के समीप मंगलवार को रेलवे प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया. स्टेशन पुनर्विकास परियोजना और नई पार्किंग सुविधा के निर्माण के लिए चिन्हित की गई जमीन को खाली कराने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई. कई बार नोटिस जारी करने और सार्वजनिक घोषणाओं के बावजूद जब दुकानदारों ने स्थान खाली नहीं किया, तो रेलवे ने बुलडोजर की मदद से 27 में से 17 दुकानों को ध्वस्त कर दिया.
सुबह से ही इलाके में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई थी. रेलवे सुरक्षा बल, जिला पुलिस और दंडाधिकारी बड़ी संख्या में मौके पर तैनात रहे. किसी भी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल भी रखा गया था. जैसे ही बुलडोजर आगे बढ़ा, वर्षों से दुकान चला रहे व्यापारियों के चेहरों पर चिंता और पीड़ा साफ दिखाई देने लगी.
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टाटानगर स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पुनर्विकास योजना स्वीकृत है. इसके तहत स्टेशन परिसर में नए भवन, बेहतर यात्री प्रतीक्षालय, सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार और आधुनिक पार्किंग सुविधा विकसित की जानी है. इसके लिए स्टेशन के आसपास अतिक्रमण मुक्त भूमि की आवश्यकता है. अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित दुकानदारों को पहले ही कई बार नोटिस दिया गया था और माइकिंग के माध्यम से भी सूचना प्रसारित की गई थी.
कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने विरोध जताया, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही. कई व्यापारियों की आंखों में आंसू थे. उनका कहना था कि वे पिछले 15-20 वर्षों से यहां छोटी-छोटी दुकानें चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं. अचानक दुकान टूट जाने से उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
एक दुकानदार ने कहा, “हम विकास के विरोध में नहीं हैं, लेकिन हमें उजाड़ने से पहले कोई वैकल्पिक व्यवस्था तो होनी चाहिए थी. हमारी पूरी जिंदगी इसी दुकान पर टिकी थी.” कई अन्य व्यापारियों ने भी यही मांग उठाई कि रेलवे या प्रशासन उन्हें किसी अन्य स्थान पर बसाने की व्यवस्था करे, ताकि उनका रोजगार बना रह सके.
हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह जमीन रेलवे की है और वर्षों से यहां अवैध रूप से दुकानें संचालित हो रही थीं. पुनर्विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करना जरूरी है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. टाटानगर स्टेशन दक्षिण पूर्व रेलवे का महत्वपूर्ण जंक्शन है, जहां से प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं. स्टेशन के आसपास अव्यवस्थित दुकानों और वाहनों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती रहती थी.
रेलवे अधिकारियों का दावा है कि पुनर्विकास परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन क्षेत्र अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और यात्री अनुकूल बनेगा. वहीं, प्रभावित दुकानदारों की मांग है कि विकास के साथ-साथ उनके भविष्य की भी चिंता की जाए. यह अभियान जहां एक ओर आधुनिकता और सुविधा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई परिवारों के सामने जीवनयापन की चुनौती भी खड़ी कर गया है.

