
उदित वाणी, जमशेदपुर : आदिवासी कुड़मी समाज के आंदोलन का असर एक बार फिर से रेलवे सेवाओं पर गहराई से पड़ा है. आंदोलन के चलते दक्षिण-पूर्व रेलवे ने बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द, शॉर्ट-टर्मिनेट (आधा रास्ते में समाप्त) और मार्ग परिवर्तन करने की घोषणा की है. इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
रद्द की गई ट्रेनें
20 सितम्बर को 20822 (सांकरेल–पुणे हमसफर), 12810 (हावड़ा–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मेल), 12906 (शालीमार–पोरबंदर), 12130 (हावड़ा–पुणे आज़ाद हिंद), 18005 (हावड़ा–जगदलपुर), 12834 (हावड़ा–अहमदाबाद), 18049 (शालीमार–बमपुर), 12152 (शालीमार–लोकमान्य तिलक टर्मिनस), 18615 (हावड़ा–हटिया), 22830 (शालीमार–भुज) सहित कई प्रमुख ट्रेनें रद्द रहीं. इसके अलावा 21 सितम्बर को 68091/18019 (खड़गपुर–जमशेदपुर–धनबाद मेमू), 68013 (खड़गपुर–टाटा), 20871 (हावड़ा–राउरकेला वंदे भारत) भी रद्द रहेंगी.
मार्ग परिवर्तित ट्रेनें
12815 (टाटा–हावड़ा) को खड़गपुर–बटनी–आसनसोल होकर चलाया जाएगा. इसी तरह पुरी–योगनगरी ऋषिकेश (18477) को कटक–किझिंगा–झारसुगुड़ा–इब मार्ग से चलाया गया. हावड़ा–अहमदाबाद (12833), 01149 एक्सप्रेस, 12859 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस–हावड़ा, 22893 शिरडी–हावड़ा, 22357 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–गया और 18611 रांची–वाराणसी जैसी ट्रेनें भी वैकल्पिक मार्ग से चलाई जाएंगी.
आधा रास्ते में समाप्त ट्रेनें
18011/18013 (हावड़ा–आद्रा–चक्रधरपुर) 20 सितम्बर को आद्रा तक ही चलेगी. 12872 इस्पात एक्सप्रेस 21 सितम्बर को राउरकेला तक ही जाएगी. कई मेमू ट्रेनों को खड़गपुर–टाटा व टाटा–चक्रधरपुर सेक्शन में पूरी तरह रद्द कर दिया गया है.
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन के कारण मुख्य मार्गों पर परिचालन बाधित है, इसलिए सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले गाड़ियों की स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करें.
कुड़मी समाज के आंदोलन से हावड़ा–मुंबई, हावड़ा–पुणे, हावड़ा–अहमदाबाद, शालीमार–पोरबंदर जैसी लंबी दूरी की गाड़ियां प्रभावित हुई हैं. इससे हजारों यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ी है. रेलवे प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और आंदोलन समाप्त होने के बाद ही सामान्य परिचालन बहाल हो सकेगा.

