
उदित वाणी, जमशेदपुर : चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत रेल सुरक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है. 5 फरवरी को चलती वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20871) में संभावित बड़े हादसे को समय रहते टाल दिया गया. इस महत्वपूर्ण भूमिका के लिए सोनुआ स्टेशन पर पदस्थापित पॉइंट्समैन-ए राजेन कच्छप को चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक तरुण हुरिया द्वारा सम्मानित किया गया.
घटना के अनुसार, जब वंदे भारत एक्सप्रेस सोनुआ–टुनिया सेक्शन से होकर गुजर रही थी, उसी दौरान सोनुआ स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात राजेन कच्छप की पैनी नजर ट्रेन के तीसरे कोच पर पड़ी. उन्होंने कोच से धुआं निकलते और जलन जैसी गंध को तुरंत महसूस किया. अनुभव और सतर्कता का परिचय देते हुए उन्होंने बिना किसी देरी के संबंधित अधिकारियों और कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी.
सूचना मिलते ही रेलवे की ऑन-ड्यूटी टीम और डिविजनल कंट्रोल ने समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई की. ट्रेन को सुरक्षित रूप से टुनिया स्टेशन पर रोका गया, जहां जांच में कोच के हॉट एक्सल होने की पुष्टि हुई. तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया. इस घटना में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई और न ही किसी प्रकार की जन-धन हानि हुई.
इस साहसिक और जिम्मेदाराना कार्य के लिए डीआरएम तरुण हुरिया ने श्री राजेन कच्छप को सम्मानित करते हुए उनकी उत्कृष्ट सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और रेलवे सुरक्षा के प्रति समर्पण की सराहना की. उन्होंने कहा कि यदि समय पर सूचना नहीं मिलती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी. डीआरएम ने इस पूरे घटनाक्रम में शामिल सभी ऑन-ड्यूटी रेलकर्मियों और कंट्रोल स्टाफ के सामूहिक प्रयासों की भी प्रशंसा की.
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसे सजग रेलकर्मी रेलवे की सबसे बड़ी ताकत हैं. यह घटना रेल कर्मचारियों की सजगता और प्रशिक्षण की प्रभावशीलता को दर्शाती है.

