
उदित वाणी, जमशेदपुर : चक्रधरपुर मंडल रेलवे ने शुक्रवार को रेल दुर्घटना जैसी आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारियों का आकलन करने हेतु टाटानगर स्टेशन में जीवंत मॉक ड्रिल आयोजित की. मॉक ड्रिल की सूचना मिलते ही पांच बार सायरन बजाया गया, जिससे स्टेशन परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया. सूचना के अनुसार, चक्रधरपुर स्टेशन के लाइन नंबर 13 पर दो ट्रेनें आपस में टकरा गई थीं. सूचना मिलते ही डीआरएम तरुण हुरिया सहित वरिष्ठ रेल अधिकारी, एआरटी वैन, एनडीआरएफ, रेलवे अस्पताल की चिकित्सा टीम, सिविल डिफेंस, आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया.

मॉक ड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस टीम ने तत्परता दिखाते हुए कंबल और रस्सी से स्ट्रेचर बनाकर ‘घायल यात्रियों’ को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया. फायर ब्रिगेड ने ‘कोच में लगी आग’ पर नियंत्रण पाया, जबकि एनडीआरएफ के जवानों ने फंसे यात्रियों को काटकर बाहर निकाला. दो घंटे चली इस ड्रिल में वास्तविक हादसे जैसा दृश्य तैयार किया गया, ताकि आपदा के दौरान समन्वय और दक्षता की परख हो सके.
घटना स्थल पर रेलवे अधिकारियों ने आम लोगों को बताया कि यह राहत और बचाव कार्य का अभ्यास है, जिससे वास्तविक दुर्घटनाओं में तत्परता से कार्रवाई की जा सके. मॉक ड्रिल में डीआरएम तरुण हुरिया, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा संरक्षा अधिकारी, सीनियर डीसीएम, डीएमई, डीओएम, डीईई, एनडीआरएफ अधिकारी व जवान, टाटानगर रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार व उनकी 25 सदस्यीय टीम शामिल रही.

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर ₹5000 नकद पुरस्कार की घोषणा की. डीआरएम हुरिया ने बचाव दल के त्वरित एवं दक्ष कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभ्यास वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत कार्य को और अधिक प्रभावी बनाते हैं.

