
उदित वाणी, जमशेदपुर : चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की लेटलतीफी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. मंगलवार को भी 12022 बड़बिल-हावड़ा जन शताब्दी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चली और टाटानगर पहुंचते-पहुंचते तीन घंटे से अधिक लेट हो गई. इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
जानकारी के अनुसार ट्रेन को अपने प्रारंभिक स्टेशन बड़बिल से ही एक घंटे के लिए रीशेड्यूल किया गया था. इसके बाद भी ट्रेन निर्धारित समय पर रवाना नहीं हो सकी और करीब 1 घंटा 40 मिनट की देरी से बड़बिल से प्रस्थान किया. रास्ते में देरी और बढ़ती चली गई. जब ट्रेन सिनी स्टेशन पहुंची तो यह लगभग 2 घंटे 25 मिनट लेट हो चुकी थी.
सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह रही कि सिनी से टाटानगर के बीच मात्र 27 किलोमीटर की दूरी तय करने में भी ट्रेन की देरी और बढ़ गई. टाटानगर पहुंचते-पहुंचते ट्रेन 3 घंटे 13 मिनट देर से पहुंची. यानी केवल 27 किमी के सफर में ही करीब 48 मिनट अतिरिक्त देरी जुड़ गई.
यात्रियों का आरोप है कि मार्ग में कोई बड़ा इंजीनियरिंग ब्लॉक, घना कोहरा या तकनीकी समस्या नहीं थी, इसके बावजूद ट्रेन को बार-बार रोका गया. कई यात्रियों का कहना है कि अक्सर मालगाड़ियों को रास्ता देने के लिए प्रीमियम पैसेंजर ट्रेनों को लूप लाइन में खड़ा कर दिया जाता है, जिससे देरी लगातार बढ़ती जाती है.
जन शताब्दी एक्सप्रेस से सफर करने वाले यात्रियों ने कहा कि वे सुपरफास्ट ट्रेन का पूरा किराया चुकाते हैं, लेकिन बदले में घंटों की देरी, कनेक्टिंग ट्रेनों के छूटने और कामकाज प्रभावित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. यात्रियों का कहना है कि चक्रधरपुर रेल मंडल में तीन-तीन घंटे की देरी अब आम बात बनती जा रही है.
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए, ताकि प्रीमियम ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित हो सके और यात्रियों को राहत मिल सके.

