
उदित वाणी, रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन वित्तमंत्री राधा कृष्ण किशोर ने शुक्रवार को सदन में वित्तीय बर्ष 2025-26 के लिए 6450 करोड़ रुपये का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया. अनुपूरक बजट में सबसे अधिक 779 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए किया गया है. इसके बाद 658 करोड़ रुपये पंचायती राज व 594.88 करोड़ रूपये ग्रामीण विकास विभाग के लिए प्रावधान किया गया है. वहीं ऊर्जा विभाग को 281.28 करोड़, स्वास्थ्य विभाग को 323.94, गृह विभाग को 407.21 करोड़, खनन एवं भूतत्व 300.21 करोड़, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन 177.97 करोड़, जल संसाधन 159.73 करोड़, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को 105.35 करोड़ रुपये दिया गया है. वहीं ब्याज भुगतान के भुगतान के लिये 153.61 करोड़, ऋण अदायगी के लिये 92.21 करोड़ व पेंशन मद में 232.36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
एमजीएम में पानी आपूर्ति को लेकर गरमायी सदन
शुक्रवार को अल्पसूचित प्रश्नकाल के दौरान जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डिमना स्थित नये भवन में पानी के पुख्ता इंतजाम नहीं होने का मुद्या उठाया तथा पूछा कि बगैर पानी का इंतजाम किये ओपीडी सेवाओं का उध्दघाटन 5 अक्टूबर 2024 को ही कैसे कर दिया गया. जबकि आजतक पानी की व्यवस्था नहीं की गई. इस पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने माना कि अस्पताल में पानी का पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि अस्पताल बिल्डिंग उंचाई पर होने की वजह से बार-बार बोरिंग फेल हो जा रहा है. इसलिए फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है. इस बीच जुगसलाई के विधायक मंगल कालिन्दी ने सुझाव देते हुए कहा कि डिमना से टाटा कंपनी द्वारा पाइपलाइन से जमशेदपुर शहर को पानी की सप्लाई की जाती है. पूर्वी सिंहभूम के सभी छह विधायक टाटा कंपनी के अधिकारियों से मिलकर पानी आपूर्ति के लिए दबाब बनाया जाय. वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने भी कहा कि बहुत जल्द अस्पताल को पानी आपूर्ति के लिए टाटा कंपनी से बातचीत की जायेगी. इसपर सरयू राय ने कहा कि टाटा इसको लेकर बातचीत के लिए तैयार नहीं है. विभागीय मंत्री ने कहा कि टाटा से पानी आपूर्ति के लिए जल्द ही बातचीत कर एग्रीमेंट किया जायेगा. इस बीच जमशेदपुर पूर्वी की विघायक पूर्णिमा साहू ने अस्पताल के प्रसव वार्ड की अव्यवस्था पर सवाल उठाया और प्रसव वार्ड की व्यवस्था में सुधार करने की मांग की. मंत्री ने इसके जबाब में कहा कि अव्यवस्था का दोषी पाये जाने पर कार्रवाई की जायेंगी.
राज्य में प्रवासी मजदूर आयोग बनाने पर होगा विचार
जेएलकेएम के विधायक जयराम महतो ने अल्पसूचित प्रश्नकाल में राज्य के प्रवासी मजदूरों का मामला उठाते हुए कहा कि झारखंड से लगभग 15-16 लाख मजदूर राज्य से बाहर काम करने जाते हैं. लेकिन सरकार के समाधान पोर्टल पर पूरे राज्य में 2 लाख 19 हजार 169 प्रवासी मजदूर ही निबंधित हैं. इसके साथ ही उन्होंने राज्य के बाहर दुर्घटना में मजदूरों की मौत पर सरकार मात्र 50 हजार रूपये मुआवजा देती है. उन्होंने मुआवजा राशि बढ़ाकर 10 लाख रूपये करने और राज्य के बाहर आत्महत्या करनेवाले मजदूरों को भी मुआवजा राशि देने की मांग की. इसके अलावा उन्होंने प्रवासी मजदूर आयोग गठित करने की भी मांग की. वहीं विधायक अरुप चटर्जी ने भी इसी तरह का सवाल उठाते हुए कहा कि सदन में सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए अलग निदेशालय गठित किए जाने का आश्वासन दिया था. लेकिन इसका गठन नहीं हुआ. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी हस्तक्षेप करते हुए प्रवासी मजदूरों की मौत पर मुआवजा के अलावे सरकार आश्रित को तुरंत आवास, 35 किलो अनाज, बच्चों की शिक्षा आदि का प्रावधान करने के लिए नीतिगत निर्णय लेने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडू जैसे राज्यों में पदाधिकारी तैनात किए जाएं या कोई मैकेनिज्म विकसित किया जाए ताकि प्रवासी मजदूरों को सहायता मिल सके. वहीं विधायकों के सवालों का जबाब देते हुए श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने आश्वासन दिया कि सभी मुद्यों पर मुख्यमंत्री के साथ बातचीत कर उचित निर्णय लिया जायेगा. मंत्री ने यह भी कहा कि प्रवासी मजदूरों के लिए सात राज्यों में सहायता केंद्र खोले जा रहे हैं. जबकि राज्य स्तर पर राज्य नियंत्रण कक्ष काम कर रहा है.
महिला दिवस पर सहिया को मिलेंगे एकमुश्त 24-24 हजार रूपये
आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झारखंड के 42 हजार सहिया के खाते में एकमुश्त 24-24 हजार रुपये दिये जायेंगे. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने विधानसभा में विधायक निर्मल महतो के एक सवाल के जबाब में इसकी जानकारी दी. विधायक ने सहिया की पारिश्रमिक राशि बढ़ाकर दस हजार करने की मांग की थी. वहीं विधायक स्टीफन मरांडी ने भी सुझाव देते हुए कहा था कि कि सहिया को कम से कम र्मइंयां सम्मान योजना के बराबर राशि नियमित मिले. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सहिया दीदी को कई कार्यक्रमों में भी जोड़ा जाता है और उन्हें लगभग 10-12 हजार रूपये महीना मिल जाता है.

