
उदित वाणी, पटना : एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चल रहे असमंजस के बीच, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और एक मौजूदा सांसद के बेटे ने शुक्रवार को पटना में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का दामन थाम लिया.
पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की उपस्थिति में औपचारिक रूप से राजद का दामन थाम लिया.
उनके साथ जहानाबाद से जदयू के पूर्व विधायक राहुल शर्मा और बांका से जदयू सांसद गिरधारी यादव के पुत्र चाणक्य प्रकाश ने भी राजद का दामन थाम लिया. राहुल शर्मा पूर्व सांसद जगदीश शर्मा के पुत्र हैं और भूमिहार समुदाय से आते हैं.
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि उनके शामिल होने से कई भूमिहार बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में राजद की पकड़ मजबूत हो सकती है, जिन्हें लंबे समय से जेडीयू का गढ़ माना जाता है.
पटना स्थित राजद कार्यालय में आयोजित समारोह में अब्दुल बारी सिद्दीकी, जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र यादव और बीमा भारती सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए.
इस अवसर पर तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार को साढ़े तीन लोग नियंत्रित कर रहे हैं जो उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर कर रहे हैं.
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि यह नीतीश कुमार का आखिरी चुनाव है. वह दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. भाजपा उनकी पार्टी को तोड़ देगी. महाराष्ट्र और झारखंड में ऑपरेशन लोटस के दौरान, उन्होंने 2022 में बिहार में भी जेडीयू को तोड़ने की यही कोशिश की थी. डर के मारे नीतीश कुमार मेरे पास आए और अपनी पार्टी बचाने के लिए मदद मांगी. हमने उनका समर्थन किया और उन्हें मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन उन्होंने हमें फिर से धोखा दिया.
पार्टी में नए सदस्यों का स्वागत करते हुए तेजस्वी ने कहा कि संतोष कुशवाहा कुशवाहा समुदाय के एक प्रमुख नेता हैं. उनके शामिल होने से राजद सीमांचल क्षेत्र में और मजबूत हो जाएगा, जहां पहले हमारा प्रभाव सीमित था.
(आईएएनएस)

