
उदित वाणी, जमशेदपुर : भुईयांडीह स्वर्णरेखा बर्निंग घाट चौक पर सड़क चौड़ीकरण हेतु जिला प्रशासन और टाटा स्टील यूआईएसएल द्वारा अचानक चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. बिना पूर्व सूचना या सीमांकन के बुलडोजर शुरू होने से करीब 60 से अधिक घर और दुकानें टूट गईं, जिससे गरीब परिवार बेघर हो गए और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई है.
भारतीय जनता पार्टी ने इस कार्रवाई को गरीबों पर अत्याचार, प्रशासनिक संवेदनहीनता और क्रूरता बताया है. भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने कहा कि बिना नोटिस और तैयारी का समय दिए हुए इस तरह से दुकानों और घरों को तोड़ना शासन-प्रशासन की निष्ठुर रवैया दर्शाता है. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार और जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, भोजन-पानी और अस्थायी आवास की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की गई है.
सुधांशु ओझा ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र राहत कार्य शुरू नहीं किया गया तो भाजपा चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति अपनाने के लिए बाध्य होगी.
स्थानीय लोगों ने भी अचानक हुई इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया और प्रशासन एवं कंपनी प्रबंधन से उचित मुआवजे व वैकल्पिक आवास की मांग की है. यह अतिक्रमण हटाओ अभियान सड़क चौड़ीकरण कार्य के अंतर्गत किया गया था, लेकिन बिना पूर्व सूचना के यह कदम इलाके के गरीब और दलित परिवारों के लिए आपदा बन गया.

