
उदित वाणी, रांची : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में बढ़ते आपराधिक घटनाओं, अवैध खनन और इसकी वजह से मजदूरों की लगातार हो रही मौत पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि धनबाद जिले में सरकार के संरक्षण में चल रहे अवैध कोयला खनन ने एक बार फिर आठ निर्दोष मजदूरों की जान ले ली. जबकि 8-10 मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि अब खनन माफियाओं के दलाल उनके परिजनों को पैसे देकर चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं. इस गोरखधंधे के हिस्सेदार पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी केस दर्ज कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और लापता मजदूरों को बचाने के बजाय लाशें गायब कराने और पीड़ित परिवारों को चुप कराने की मुहिम में शामिल बताए जा रहा है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि धनबाद के पंचेत थाना क्षेत्र के कारगिल इलाके में “हाउस” के आदेश पर “अंजनी-कोडवर्ड” नामक व्यक्ति को अवैध खनन का ठेका दिया गया है और यह कोड वर्ड वाला व्यक्ति “हाउस के प्रतिनिधि” का खास आदमी बताया गया है जो इस धंधे में साझेदार है.
राज्य में अपराधियों का तांडव पुलिस बनी है मूकदर्शक
वहीं उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो व हजारीबाग जैसे शहरों में अपराधी भयादोहन करने के लिए लगातार गोलीबारी कर आतंक पैदा कर रहे हैं. व्यवसायी से लेकर डाक्टर तक भयादोहन के शिकार बनाये जा रहे हैं. ऐसा लगता है इस धंधे का हिस्सेदार भी पुलिस और सत्ता में बैठे लोग हैं. हेमंत सरकार जनता को सुरक्षा प्रदान करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है.

