
लगाया था आरोप- जिस जमीन पर बना पल्स अस्पताल वो जमीन आदिवासी व भूईंहरी नेचर की
उदित वाणी, रांची: राज्य की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के दूसरे पति अभिषेक झा के रांची स्थित पल्स अस्पताल की आज-कल खूब चर्चा हो रही है. अकूत काली कमाई करने के मामले में ईडी ने पूजा सिंघल पर शिकंजा कस दिया है. ईडी के राडार पर पल्स अस्पताल भी है. वैसे यह अस्पताल पहले से ही विवादों में रहा है, एक समय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पल्स अस्पताल की जमीन के मामले की जांच करने का निर्देश रांची के उपायुक्त को दिया था. हालांकि यह बात अभी तक सार्वजनिक नहीं हो पाई है कि सीएम के निर्देश पर रांची जिला प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
पल्स अस्पताल की जमीन को लेकर नारायण विश्वकर्मा नाम के शख्स ने सीएम को टैग कर किया था ट्वीट. इसका जवाब देते हुए हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची डीसी को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा था कि रांची डीसी कृपया मामले की पूरी जांच करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई करते हुए सूचित करें. सीएम ने फरवरी 2020 में यह निर्देश दिया था.
नारायण विश्वकर्मा ने सीएम हेमंत सोरेन को टैग करते हुए ट्वीट में लिखा था कि रांची में आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं. आदिवासी की जमीनी हकीकत के कई फसाने मीडिया में सुर्खियां जरूर बने, पर हुआ कुछ नहीं. आदिवासी की भूईंहरी जमीन की न रसीद कटेगी न रजिस्ट्री होगी. लेकिन सभी नियम को ताक पर रख कर हर कीमत पर आदिवासी जमीन हथिया ली गयी. उन्होंने अपने ट्वीट में पल्स अस्पताल की तस्वीर को भी अटैच करते हुए लिखा था कि तस्वीर में जो गगनचुंबी इमारत दिख रही है वो बरियातू रोड के रिलायंस फ्रेश के बगल की है.
उन्होंने लिखा था कि आइए हम आदिवासी जमीन के जमींदोज हो चुके संक्षिप्त इतिहास पर एक नजर डालें. अंचल बडग़ांई. मौजा मोरहाबादी. थाना नंबर-192. खाता संख्या-162. खेसरा संख्या 1248 की 33 डिसमिल भुईहरी जमीन में से करीब तीन क_ा जमीन की रसीद अरुण कुमार जैन के नाम से कटा ली गयी. बाद में लैंडलॉर्ड के परिवार ने बडग़ांई अंचल में शिकायत की. अंचल कार्यालय में केस नंबर 1120-2017/18 में निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर पूर्व सीओ विनोद प्रजापति ने भी भुईंहरी खाते की जमीन को सरकार में निहित नहीं माना और खारिज कर दिया.
विश्वकर्मा के अनुसार भुईंहरी खाते की इस जमीन का रांची नगर निगम से नक्शा पास हुआ और एचडीएफसी बैंक से लोन पास करा लिया गया. अब इमारत का निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है. 2020 में लिखे ट्वीट में विश्वकर्मा ने कहा था कि इमारत के पास पल्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का बोर्ड लगा हुआ है. इमारत का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है. इस मामले में शरना सोतो संगम के सचिव राजेश मुंडा ने 2 अप्रैल 2019 को मुख्यमंत्री जन संवाद केंद्र में शिकायत की थी. जनसंवाद केंद्र में राजेश मुंडा को बताया गया कि इस मामले को सक्षम न्यायालय में ही सलटाया जा सकता है. जमीन से जुड़े सारे कागजात सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रदेव लाल पांडे के पास सुरक्षित हैं. हालांकि इसके बाद रांची जिला प्रशासन के स्तर से क्या कार्रवाई हुई इसके बारे में तो किसी को कुछ जानकारी नहीं मिल सकी, अलबत्ता पल्स अस्पताल जरूर बनकर तैयार हो गया और काम भी करने लगा.

