
उदित वाणी, चक्रधरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के लघु सिंचाई विभाग, चाईबासा प्रमंडल में कार्यरत अभियंताओं के स्थानांतरण को लेकर इन दिनों विभाग में गंभीर चर्चा का माहौल है. अन्य विभागों में जहाँ सामान्यतः तीन से चार वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर अधिकारियों का रूटीन ट्रांसफर होता है, वहीं लघु सिंचाई विभाग में कई अभियंता सात से आठ वर्षों से एक ही पदस्थापना स्थल पर बने हुए हैं.
जानकारी के अनुसार, विभाग में तैनात कनीय और सहायक अभियंताओं की स्थिति भी लगभग यही है. अधिकांश पदाधिकारी बीते सात–आठ वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं और अब तक उनका स्थानांतरण नहीं हुआ है. यह स्थिति विभाग की कार्यपद्धति को लेकर कई तरह के सवाल खड़े कर रही है.
वहीं, विभाग में कार्यपालक अभियंता रहे फणीभूषण वर्तमान में चाईबासा अंचल में अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत हैं. वे लंबे समय तक लघु सिंचाई विभाग चाईबासा के कार्यपालक अभियंता भी रहे हैं. चर्चा यह भी है कि DMFT के तहत प्राप्त बड़ी राशि की कई योजनाएँ लघु सिंचाई विभाग को आवंटित हुई हैं, जिनकी निगरानी का कार्य भी विभाग के अधीक्षण अभियंता स्तर से ही किया जा रहा है.
लोगों का कहना है कि विभाग की कई योजनाओं में समय–समय पर गुणवत्ता को लेकर प्रश्न उठते रहे हैं. ऐसे में यह सवाल भी प्रमुखता से उभर रहा है कि आखिर इतने लंबे समय तक अभियंताओं का स्थानांतरण क्यों नहीं किया गया. पूरा विभाग वर्तमान में इसी मुद्दे को लेकर चर्चा के केंद्र में है.

