
उदित वाणी, गुवा : केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अपनी परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करते हुए 11,729 नए कांस्टेबल (जीडी) को बल में शामिल किया है. 15 नवंबर 2025 को देशभर के छह क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्रों – बरवाहा, देवली, बेहरोर, थक्कोलम, भिलाई और मुंडली – में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद इन सभी जवानों को विभिन्न परिचालन सेक्टरों में तैनात किया गया. यह अब तक के सबसे बड़े भर्ती अभियानों में से एक है, जिससे बल की समग्र परिचालन क्षमता में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
गृह मंत्रालय द्वारा हाल ही में CISF की स्वीकृत संख्या को बढ़ाकर 2.2 लाख करने के बाद यह पहला प्रमुख बैच है, जो बल को देश की बढ़ती सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाएगा. वर्तमान में CISF देश के 360 से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों – जैसे हवाईअड्डे, बंदरगाह, परिमाणु संयंत्र, मेट्रो नेटवर्क, इस्पात संयंत्र और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों – की सुरक्षा में तैनात है.

नए कर्मियों से बढ़ेगी प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा
नए जवानों की तैनाती से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, भाखड़ा बांध सहित कई नए प्रतिष्ठानों की सुरक्षा जरूरतें पूरी की जा सकेंगी. इन नियुक्तियों से रेलवे, पेट्रो-केमिकल्स और प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में भी बल की उपस्थिति को और सुदृढ़ किया जाएगा.
महिला कर्मियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि
इस भर्ती अभियान में 1,896 महिला कर्मियों का शामिल होना विशेष उपलब्धि माना जा रहा है. इससे बल में महिला कर्मियों की संख्या में 18 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. महिला बल को मुख्य रूप से एयरपोर्ट और डीएमआरसी जैसी इकाइयों में तैनात किया जा रहा है, जहाँ यात्रियों की जांच और सुरक्षा प्रबंधन में उनकी विशिष्ट भूमिका होती है.
तकनीकी योग्यता को मिला महत्व
पोस्टिंग निर्धारण करते समय सुरक्षा जोखिम, जन-आवागमन, महिला–पुरुष अनुपात और तकनीकी दक्षता जैसे कारकों को ध्यान में रखा गया है. तकनीकी और स्नातक योग्यता वाले कर्मियों को आधुनिक तकनीक से लैस हवाईअड्डों और मेट्रो नेटवर्क की सुरक्षा में प्राथमिकता दी गई है.
CISF ने इस नई तैनाती के साथ देश के रणनीतिक प्रतिष्ठानों में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने का बड़ा कदम उठाया है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को नई ऊर्जा मिली है.

