
उदित वाणी, गुवा : सेल संबद्ध चिड़िया माइंस क्षेत्र में जंगलों के बीच रहने वालों में मलेरिया एवं जॉन्डिस जैसी बीमारियों का अस्वाभाविक रूप से प्रकोप बढ़ रहा है. वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नीतू कुमारी ने बताया कि स्वास्थ्य रखरखाव की कमी से प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम परजीवी के कारण मलेरिया के मामले बढ़ रहे हैं, जो खून की कमी व टाइफाइड को भी जन्म दे रहा है.
डॉ. नीतू का समर्पण
24 वर्षों से चिड़िया माइंस चिकित्सालय में सेवा दे रही डॉ. नीतू ने फुसरो, बोकारो के नावाडीह, गोमिया व चतरोचट्टी जैसे नक्सली क्षेत्रों में जंगलों में जाकर मरीजों का इलाज किया. कोरोना काल में फाइटर बनकर सेवा दी, खुद संक्रमित हुईं तथा पिता को खोया भी. गर्भवती महिलाओं व मनोहरपुर क्षेत्र के मरीजों को विशेष देखभाल दी जाती है.
अच्छे चिकित्सक की पहचान
डॉ. नीतू कुमारी का मानना है कि अच्छा चिकित्सक तकनीकी रूप से कुशल होने के साथ सहानुभूतिपूर्ण, अच्छा श्रोता व मरीजों के प्रति समर्पित होता है. एमबीबीएस पटना से करने वाली डॉ. नीतू ने क्षेत्रवासियों से स्वच्छता व रखरखाव पर जोर दिया. चिकित्सालय में हर मरीज को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है.

