
उदित वाणी, रांची : झारखंड के मोस्ट वांटेड नक्सलियों में से एक उमेश खेरवार उर्फ नगीना उर्फ डॉक्टर को उत्तर प्रदेश एटीएस ने मंगलवार को लखनऊ के पास गिरफ्तार कर लिया है. झारखंड के पलामू जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने इसकी पुष्टि की है.
नगीना पर झारखंड के पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में कई नक्सली हमलों को अंजाम देने का आरोप है. वह प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) में सब जोनल कमांडर है और झारखंड सरकार ने हाल ही में उस पर पांच लाख रुपए का इनाम घोषित किया था.
14 सितंबर को पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के सिलदिली में सुरक्षाबलों और टीएसपीसी के नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में भी वह शामिल था, लेकिन जंगल का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा था. इसी मुठभेड़ में पांच लाख रुपए का इनामी दूसरा नक्सली मुखदेव यादव मारा गया था.
इसके पहले 3 सितंबर को मनातू में उसके दस्ते के साथ हुई मुठभेड़ में पुलिस के दो जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद से नगीना फरार चल रहा था और लखनऊ के पास किसी इलाके में शरण लिए हुए था. उत्तर प्रदेश एटीएस भी लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी.
पुलिस के अनुसार, नगीना को टीएसपीसी सुप्रीमो शशिकांत गंझू का करीबी माना जाता है और संगठन में उसकी अहम भूमिका है. बताया जाता है कि वह हमेशा एके-47 से लैस रहता है. झारखंड के गढ़वा जिला अंतर्गत डंडई थाना क्षेत्र के झलंगी ग्राम निवासी नगीना पर झारखंड में 25 से अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है.
पलामू के छतरपुर थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद ने बताया कि नगीना की गिरफ्तारी की सूचना है. विस्तृत जानकारी इकट्ठा की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं ताकि नक्सली नेटवर्क और भविष्य की साजिशों के बारे में सुराग मिल सके.
(आईएएनएस)

