
उदित वाणी, रांची : राज्य सरकार द्वारा सारंडा में दसवां वन अभयारण्य बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. जिसमें बताया गया कि इस वन्य प्राणियों के संरक्षण और वनस्पतियों के संवर्धन योजना में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय का भी सहयोग मिलेगा. वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के लिए देहरादून स्थित वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट को अधियाचना भेजी गई है और केंद्र सरकार के इस प्रतिष्ठान में सारंडा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के लिए बिशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है. केंद्र सरकार नए बनने वाले सेंचुरी के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराएगी.
राज्य सरकार ने सारंडा में लौह अयस्क समेत अन्य खनन गतिविधियों के लिए वनक्षेत्र की सीमा तय कर दी है और 57519.41 हेक्टेयर वनभूमि में वाइल्ड लाइफ सेंचुरी बनाने की योजना बनाई है. ज्ञात हो कि राज्य में पहले से नौ अभयारण्य मौजूद है. इनमें दलमा, पलामू टाइगर रिजर्व, हजारीबाग और कोडरमा प्रमुख है. सारंडा में दसवें अभयारण्य बनाने के लिए 13 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि जोड़ी गई है. इस वन क्षेत्र में हाथियों का सदियों से अधिवास रहा है. हाल ही में पलामू टाइगर रिजर्व में आए बाघ ने लंबे समय तक सारंडा क्षेत्र में प्रवास किया है. ऐसे में यहां टाइगर रूट रहने की संभावना भी तलाशी जा रही है.

