
उदित वाणी, चांडिल : दलमा तराई क्षेत्र के माकुलाकोचा फुटबॉल मैदान (हिरण पार्क के समीप) में आज दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच (कोल्हान प्रमंडल) के तत्वावधान में ऐतिहासिक महा जन सम्मेलन आयोजित हुआ. हजारों ग्राम सभा प्रतिनिधि, महिलाएं, युवा व कार्यकर्ता शामिल हुए, जहां प्रस्तावित बंदरगाह, इको-टूरिज्म जैसी योजनाओं के विरोध में जल-जंगल-जमीन अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया गया.
प्रमुख वक्ताओं के संबोधन
मुख्य वक्ता सुरेश चंद्र सोय, माधव चंद्र कुंकल, रेयांस सायड व दिनकर कच्छप ने कहा कि विकास के नाम पर ग्राम सभाओं की अनदेखी संविधान के पांचवीं अनुसूची, PESA 1996, वन अधिकार कानून 2006 व भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का उल्लंघन है. उन्होंने ग्राम सभा की पूर्व सहमति के बिना परियोजनाओं का विरोध किया और गांव केंद्रित विकास की मांग उठाई. संसाधनों के बंटवारे के बावजूद स्थानीय आजीविका प्रभावित होने पर चिंता जताई.
पारित प्रस्ताव व उपस्थितजन
सभा में जबरन अधिग्रहण व कॉरपोरेट हितों के विरुद्ध लोकतांत्रिक विरोध का प्रस्ताव पारित हुआ. राधाकृष्णन सिंह मुंडा, जगन्नाथ सिंह मुंडा, धनंजय शुक्ला, टोनी दिप्ती मेरी मिंज, राकेश रंजन माहतो सहित अनेक उपस्थित रहे. दलमा को पहचान व धरोहर बताते हुए ग्राम सभाओं की एकजुटता पर जोर दिया गया.

