
उदित वाणी, रांची : हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की तर्ज पर रांची में एशिया का सबसे बड़ा और विश्वस्तरीय अत्याआधुनिक सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में रिम्स-टू का निर्माण किया जायेगा. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवे परिवार कल्याण मंत्री डा इरफान अंसारी व विभाग के अपर मुख्यसचिव अजय कुमार सिंह ने फरीदाबाद के अमृता इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज का दौरा करने के पश्चात इसकी घोषणा की है. इस दौरे में उनके साथ दिल्ली स्थित झारखंड भवन के रेसिडेंट कमिश्नर अरवा राजकमल भी शामिल थे.
अंसारी ने कहा कि यह परियोजना न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश की स्वास्थ्य संरचना को एक नई दिशा देगी. रिम्स-टू के निर्माण कार्य को लेकर जल्द ही विस्तृत रूपरेखा तय की जायेगी. यह झारखंड स्वास्थ्य क्रांति की ओर एक और बड़ा कदम होगा. रिम्स-टू न केवल सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं प्रदान करेगा, बल्कि इसमें अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं, मल्टी-स्पेशियलिटी विभाग और रिसर्च सेंटर भी होंगे. रिम्स-टू में अत्याधुनिक तकनीकों और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं से लैस होगा. जो मरीजों को बिना किसी देरी के सर्वोत्तम उपचार प्रदान करेगा. गौरतलब है कि फरीदाबाद के अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज फिलवक्त देश में अपनी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जाना जाता है.
स्वास्थ्य मंत्री अधिकारियों के साथ अमृता इंस्टीट्यूट की अत्याधुनिक सुविधाओं, प्रबंधन और तकनीकी ढांचे का अध्ययन करने गए. थे. ताकि रिम्स-2 को उसी तर्ज पर विकसित किया जा सके. अंसारी ने बताया कि इस परियोजना का लक्ष्य झारखंड के लोगों को उनके राज्य में ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए अन्य राज्यों या देशों की ओर रुख नहीं करना पड़े. यह परियोजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों के लिए लाभकारी होगी. इस परियोजना में केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. इसके लिए बजट आवंटन, भूमि अधिग्रहण और तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था पर काम शुरू हो चुका है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार ग्रामीण सशक्तिकरण और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दे रही है. इससे स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा पूरी तरह बदल जायेगा. यह अस्पताल न केवल स्थानीय मरीजों को लाभ पहुंचाएगा. बल्कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों के लिए भी एक विश्वसनीय केंद्र बनेगा. इसके अलावा इस परियोजना से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे. अस्पताल के संचालन के लिए चिकित्सा बिशेषज्ञों, नर्सों, और अन्य एक्सपर्ट कर्मचारी बहाल होंगे. परियोजना जनता के लिए गेमचेंजर साबित होगी. सरकार का लक्ष्य हर व्यक्ति को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाये देने की होगी.
