
उदित वाणी, रांची : आजसू पार्टी नेत्री सह रांची जिला परिषद की अध्यक्ष श्रीमती निर्मला भगत के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव कोरम के अभाव में निरस्त हो गया. ज्ञात हो कि रांची जिला परिषद के 21 सदस्यों द्वारा 19 जून को उनके खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव दिया गया था. सदस्यों ने रांची के उपायुक्त को पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी थी. इसी पत्र के आधार पर उपायुक्त द्वारा 7 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की तिथि तय की गई थी.
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लोकसभा व राज्यसभा के सांसदों, जिले के सभी विधायकों, जिला परिषद के सदस्यों और प्रखंड प्रमुखों को सूचना पत्र भेजकर इस बिशेष बैठक की जानकारी दी गई थी. लेकिन बावजूद इसके केवल 8 सदस्य ही पहुंचे. सोमवार को जब मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई, तो सिर्फ 8 सदस्य ही बैठक में उपस्थित हुए. जबकि जिला परिषद में कुल 65 सदस्य हैं और अविश्वास प्रस्ताव को पारित करने के लिए कम से कम दो-तिहाई यानी 47 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य थी. निर्धारित संख्या में सदस्य न होने की वजह से मतदान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया.
आजसू पार्टी ने जताया आभार
रांची जिला परिषद अध्यक्ष एवं पार्टी महासचिव श्रीमती निर्मला भगत के विरूद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के निरस्त हो जाने पर उन्हें बधाई दी है और उनका समर्थन करने वाले सभी सांसदों, विधायकों, जिला परिषद सदस्यों एवं प्रखंड प्रमुखों के प्रति आभार जताया है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डा देवशरण भगत ने कहा कि श्रीमती निर्मला भगत ने जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में अपनी कार्यशैली और नीतियों से एक अलग पहचान बनाई है. जिसपर ज्यादातर सदस्यों ने अपना भरोसा जताया है. निर्मला भगत पार्टी की केंद्रीय महासचिव हैं तथा झारखंड आंदोलनकारी एवं सरना धर्म गुरु रहे स्व वीरेंद्र भगत की पत्नी हैं.
