
उदित वाणी, रांची : पहलगाम आतंकी हमले के मृतक आईबी के सेक्शन अफसर मनीष रंजन का पार्थिव शरीर रांची एयरपोर्ट से उनके निवास स्थान झालदा ले जाया गया. उन्हें लेने उनके परिजन एयरपोर्ट पहुंचे थे. एयरपोर्ट में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मनीष रंजन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा. भारत सरकार ने अपना काम शुरू कर दिया है. मनीष अपनी पत्नी जया मिश्रा, 12 साल के बेटे और 8 साल की बेटी के साथ कश्मीर घूमने गए थे. जहां आतंकियों ने गोली मारकर मनीष रंजन की हत्या कर दी.
गौरतलब है कि मनीष रंजन पांच साल रांची के आईबी यूनिट में भी कार्यरत रहे थे. रांची में बर्ष 2017 से 22 तक बतौर सेक्शन अफसर तैनात थे. इसके बाद उनकी पोस्टिंग हैदराबाद आईबी में हुई थी. मनीष के पिता पश्चिम बंगाल में शिक्षक हैं और पूरा परिवार झालदा में रहता है. मनीष रंजन की पत्नी की नौकरी रांची में पोस्टिंग के दौरान ही बिहार में शिक्षिका के तौर पर हुई थी. लेकिन मनीष का तबादला हैदराबाद होने के कारण उनकी पत्नी ने नौकरी से इस्तीफा दे दी.

