
उदित वाणी, रांची : खूंटी में मनरेगा व मनीलॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी आईटी एवं ई-गवर्नेंस सचिव आईएएस पूजा सिंघल के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा अब तक अभियोजन की मंजूरी नहीं दी गई. जबकि ईडी द्वारा लगभग चार महीने पहले ही राज्य सरकार से मामले में अभियोजन की स्वीकृति मांगी गई थी. सरकार द्वारा चार महीने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद पूजा सिंघल के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं दिये जाने के बाद ईडी ने ट्रायल कोर्ट [पीएमएलए] का दरवाजा खटखटाते हुए याचिका दायर की.
ईडी की याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुसार यदि 120 दिन के भीतर सरकार द्वारा अभियोजन की अनुमति नहीं दी जाती है, तो उसे स्वीकृति मान लिया जाना चाहिए. ईडी द्वारा अदालत के समक्ष इसको लेकर कई उदाहरण और सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेशों का हवाला देकर पीएमएलए कोर्ट से आग्रह किया कि पूजा सिंघल के खिलाफ मुकदमा चलाने की प्रक्रिया को रोका न जाए और इसे सरकार की स्वीकृति मान लिया जाय.
