
उदित वाणी, रांची : प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने लगभग 52 लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित व प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए. जिसमें लोगों ने सड़क निर्माण, नियुक्ति विवाद, मईंया सम्मान योजना, भूमि विवाद, अबुआ आवास, थाना स्तरीय मामले, आधार केंद्र में अवैध बहाली, स्थानांतरण, हजारीबाग में पूर्व मुख्यमंत्री के बी सहाय की क्षतिग्रस्त प्रतिमा के पुनर्निर्माण और अपराधियों की गिरफ्तारी, पेंशन, शौचालय, जलापूर्ति और पंचायत स्तरीय योजनाओं से जुड़ी समस्यायें व विभिन्न थानों से संबंधित मामले आए.
मंत्री ने कई मामलों में अधिकारियों को तत्काल संज्ञान में लेने और प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए. जबकि जनता दरबार के बाद दीपिका पांडे ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जनता दरबार सिर्फ सुनवाई का मंच नहीं, कार्रवाई का भी मंच है. उन्होंने बताया कि पिछले जनता दरबार में इरम परवीन नामक महिला की तीन माह की बच्ची को उसके पति द्वारा कश्मीर ले जाने का मामला आया था. जिस पर रांची पुलिस को निर्देश दिया गया और उन्होंने बच्ची को वापस कराया.
उन्होंने कहा कि जनता दरबार में कई मामले तत्काल निष्पादित किये जाते हैं. जबकि कुछ जटिल मामलों की प्रक्रिया की निगरानी की जाती है. जनता दरबार में ऐसे कई छात्र पहुंचे जिनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन अब तक नहीं हो पाया है. जबकि उक्त छात्र जेएसएससी परीक्षाओं में सफल रहे हैं. इस पर संबंधित विभाग को शीघ्र निर्देश दिए जाएंगे. वहीं उन्होंने कहा कि सरकार विधानसभा के मानसून सत्र के लिए पूरी तरह तैयार है. सत्र में अनुपूरक बजट लाया जाएगा और पिछली बार से अब तक के लंबित मुद्दों पर भी चर्चा होगी और सरकार चाहती है कि सत्र गंभीरता व सकारात्मकता के साथ चले.
सत्र के दौरान झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक सदन में पेश किया जाएगा. इससे उच्च शिक्षा में बड़ा बदलाव आएगा. विपक्ष को इसमें सहयोग करना चाहिए. वहीं दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जिन मुद्दों को समय रहते उठाते हैं. उन्हें बाद में जनता और सरकार दोनों स्वीकार करती है. महिलाओं और बच्चियों के साथ अपराध के मामलों पर उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है.
राज्य में कानून का राज है और अगर कोई कानून हाथ में लेता है या सड़क पर उतरकर मोरल पुलिसिंग करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. मंत्री ने कहा कि जनता से सीधा संवाद किया गया. सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के हर नागरिकों को लालफीताशाही, जटिल प्रक्रियाओं और उपेक्षा से मुक्त एक सुलभ, पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन मिले. जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है. हम इस भरोसे को कायम रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. और प्रशासन को जनसरोकारों के प्रति और अधिक संवेदनशील बनायेंगे.
