उदित वाणी, झारखंड: शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने राज्य में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए इसे जल्द रोकने की बात कही है. मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है.
इस संबंध में उन्होंने विभागीय सचिव को आवश्यक निर्देश दिए हैं ताकि जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जा सकें. साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 11 अप्रैल को शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस विषय पर बिंदुवार समीक्षा और चर्चा की जाएगी.
रामदास सोरेन ने बताया कि बीते दिनों विधानसभा सत्र के दौरान कई विधायकों ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी—जैसे मनमाना शुल्क वृद्धि, पुस्तकों और यूनिफॉर्म की अनिवार्यता, प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया था. इन सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा कर सरकार एक ठोस नीति बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
मंत्री ने यह भी दोहराया कि झारखंड सरकार शिक्षा को जनसुलभ और न्यायसंगत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने निजी शिक्षण संस्थानों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षा को व्यापार का माध्यम बनाने की प्रवृत्ति को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
फिलहाल शिक्षा विभाग की तैयारी बैठक के एजेंडे को अंतिम रूप देने और जिलों से संबंधित आंकड़े एकत्रित करने में जुटी है. माना जा रहा है कि 11 अप्रैल की बैठक के बाद निजी स्कूलों पर सख्त नियमों की घोषणा हो सकती है.
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