
उदित वाणी, पोटका: पोटका प्रखंड क्षेत्र में बीते दस दिनों से लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सड़कें कीचड़ से लथपथ हैं और कई कच्चे घरों में दरारें पड़ गई हैं। वहीं, छत वाले पक्के मकानों से भी पानी टपकने लगा है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। हेसलबिल पंचायत के खरियासाई गांव में बारिश की वजह से भुवनेश्वर सरदार का कच्चा मकान अचानक गिर गया। हादसे के वक्त घर में दो छोटे बच्चे मौजूद थे, जो संयोग से सुरक्षित बच निकले। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
उप मुखिया ने पहुंचाई त्वरित सहायता
घटना की सूचना मिलते ही उप मुखिया सुरजीत सरदार ने पोटका अंचल अधिकारी को इसकी जानकारी दी। अंचल अधिकारी ने तत्काल राहत देते हुए पीड़ित परिवार को तिरपाल मुहैया कराया, ताकि वे अस्थायी रूप से सिर पर छत का इंतजाम कर सकें। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मानसून से पहले प्रशासनिक तैयारी पर्याप्त है? और कब तक ग्रामीण परिवार कच्चे घरों में जान जोखिम में डालकर जीवन गुजारते रहेंगे?

