
उदित वाणी, पटमदा : पटमदा प्रखंड में पिछले एक महीने से जारी बारिश गरीबों के लिए संकट बन गई है. क्षेत्र में कच्चे मकानों में रहने वाले लोग भय के साये में जी रहे हैं. बारिश के कारण कई मकानों की दीवारें गिर गई हैं और कई की छत से पानी टपकने लगा है. हालात ऐसे हैं कि लोग अब ऊपरवाले से बारिश थमने की दुआ कर रहे हैं ताकि मरम्मत संभव हो सके.
दो सौ से अधिक घर हुए क्षतिग्रस्त
अब तक पटमदा अंचल में करीब 200 कच्चे मकानों को आंशिक या पूर्ण नुकसान पहुंचा है. अंचल कार्यालय में रोजाना पीड़ित परिवार मुआवजे के लिए आवेदन दे रहे हैं. लोगों की चिंता इस बात को लेकर है कि बारिश का क्रम अगर जारी रहा, तो नुकसान और बढ़ सकता है.
जोड़सा और जाल्ला गांव सबसे ज्यादा प्रभावित
सोमवार की रात जोड़सा गांव के नखाई कुंभकार, हाड़ीराम कुंभकार और बिरखाम टोला निवासी रूपवाला कुंभकार के मिट्टी के मकान ढह गए. वहीं, जाल्ला गांव में कृष्ण प्रसाद महतो के खपरैल मकान का आधा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया.
अंचलाधिकारी ने दी जानकारी
अंचलाधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार दास ने बताया कि पीड़ित परिवारों को क्षतिग्रस्त मकानों की तस्वीर, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ आवेदन जमा करना होगा. इसके बाद राजस्व कर्मचारी स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे जिला प्रशासन को भेजा जाएगा.
बिड़रा गांव में भी कई मकान गिरे
इधर, बिड़रा गांव में सारथी महतो, सुमन गोराई, कौशल्या महतो, मालती कर्मकार, रेणुका महतो और वनश्री रजक के मकान पूरी तरह से ढह चुके हैं. प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत की आवश्यकता है.

