
उदित वाणी, पटमदा : बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत दिघी भूला प्लस टू उच्च विद्यालय की जर्जर छत बुधवार को बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी. दोपहर करीब 2 बजे कक्षा में पढ़ाई के दौरान अचानक भवन का प्लास्टर गिर पड़ा. सौभाग्य से कोई छात्र उसके नीचे नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.
8 वर्षों में नहीं बना प्लस टू का भवन
विद्यालय के प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2017-18 में इस विद्यालय को प्लस टू का दर्जा मिला था. लेकिन आज तक प्लस टू के लिए अलग भवन नहीं बन पाया है. विद्यालय के कक्षा 9 से 12 तक में 819 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं, जो जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं.
कक्षा में बैठने तक की नहीं है जगह
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, यदि सभी छात्र एक साथ विद्यालय आएं तो बैठने की जगह तक नहीं होगी. पुराने हॉल में जब 12वीं की कक्षाएं चलती हैं, तो बारिश के दौरान उसमें पानी भर जाता है, जिससे पढ़ाई बाधित होती है.
बार-बार गुहार, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
प्रधानाध्यापक ने बताया कि कई बार जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस समस्या की जानकारी दी जा चुकी है. लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. हैरानी की बात यह है कि जिन अन्य नौ विद्यालयों को उसी वर्ष प्लस टू का दर्जा मिला था, वहां भवन का निर्माण पूरा हो चुका है. लेकिन दिघी भूला विद्यालय अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है.
तीनों संकाय संचालित, लेकिन नहीं है ढांचा
विद्यालय में कला, विज्ञान और वाणिज्य – तीनों संकायों की पढ़ाई शुरू हो चुकी है. ऐसे में भवन की आवश्यकता अब और भी जरूरी हो गई है. कक्षा 10 की छात्रा प्रतिमा गोप ने बताया कि जब बारिश होती है, तो क्लास रूम में पानी घुस जाता है, जिससे छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

