
शिक्षण व्यवस्था में सुधार हेतु उपायुक्त ने पटमदा, पोटका, घाटशिला, डुमरिया एवं बहरागोड़ा प्रखंड के 1-1 विद्यालय को गोद लिया
उदित वाणी, जमशेदपुर: कोराना काल के दो वर्षों में विद्यालयों के बंद रहने के कारण सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की शिक्षा के स्तर में कमी देखी जा रही है. बच्चे अपनी कक्षा की दक्षता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं.
शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन की ओर से बच्चों की अधिगम क्षमता में वृद्धि हेतु अनेक प्रयास किये जा रहे हैं. जिलान्तर्गत कार्यरत पदाधिकारियों के अनुभव से सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु सकारात्मक पहल की आवश्यकता को देखते हुए जिला उपायुक्त विजया जाधव समेत सभी वरीय पदाधिकारी, जिला स्तरीय अन्य पदाधिकारियों ने 5-5 विद्यालय वहीं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी तथा नगर निकाय पदाधिकारियों ने 2-2 विद्यालय को गोद लिया है.
उपायुक्त विजया जाधव ने बताया कि सरकारी मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों में राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन एवं शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार के उद्देश्य से जिले में एक नवाचारी कार्यक्रम “आबुआ आसड़ा” (संथाली शब्द भावार्थ – “हमारा विद्यालय) प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है.
जिसके अन्तर्गत जिले में कार्यरत वरीय पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों को गोद लेकर शिक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार हेतु अभिनव प्रयास किया जाएगा.
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा
जिला उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को अग्रिम शुभकामनायें देते हुए कहा कि आबुआ आसड़ा” कार्यक्रम के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा एवं नीति आयोग को उनके द्वारा किये जा रहे अभिनव प्रयासों से अवगत कराया जाएगा.
उन्होने पदाधिकारियों से इस अभियान की सफलता के लिए अपेक्षा करते हुए कहा है कि अपने विद्यार्थी जीवन के साथ-साथ कार्य अनुभवों का लाभ सुदूरवर्ती एवं समाज से अभिवंचित वर्ग के बच्चों को दिलाने का प्रयास करें, जिससे जिले के बच्चे शैक्षणिक के साथ-साथ प्रतियोगिता परीक्षाओं में भी अव्वल स्थान प्राप्त कर सके.
“आबुआ आसड़ा” की सफलता के लिए दिए गए दिशा-निर्देश
# सप्ताह में 02 दिन क्षेत्र भ्रमण के क्रम में प्रत्येक माह कम से कम एक बार विद्यालयों का निरीक्षण एवं अनुश्रवण.
# विद्यालय के पठन-पाठन में सुधार सुनिश्चित कराना.
# एफएलएन कार्यक्रम का क्रियान्वयन अन्तर्गत विद्यालयों में शिक्षक हैण्डबुक का उपयोग सुनिश्चित कराना
# वर्ग संचालन को बाल सुलभ बनाने का प्रयास करना. विद्यालय में गतिविधि आधारित शिक्षण सुनिश्चित कराना.
# प्रत्येक दिन विद्यालय की कार्यक्रम में प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय घंटी समावेश कराना एवं उपयोग सुनिश्चित कराना.
# छात्र उपस्थिति में सुधार हेतु प्रयास कार्यक्रम का क्रियान्वयन, न्यूनतम 90 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करवाना.
# ई-विद्यावाहिनी के माध्यम से शिक्षक एवं छात्र उपस्थिति सुनिश्चित कराना.
# मासिक मूल्यांकन की समीक्षा, कमजोर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष पठन-पाठन प्रदान कराना.
# मॉडल कक्षा का संचालन.
# वार्षिक माध्यमिक परीक्षा के परीक्षाफल में सुधार हेतु प्रयास करना.
# विद्यालय के स्मार्ट क्लास का सदुपयोग सुनिश्चित कराना। स्मार्ट क्लास का उपयोग कर प्रत्येक दिन न्यूनतम 4-5 घंटी वर्ग संचालन करवाना.
# विद्यालयों में किचेन गार्डन का विकास करवाना.
# सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित कराने हेतु विद्यालय प्रबंधन समिति एवं माता समिति की प्रत्येक माह के 25 तारीख को नियमित रूप से बैठक कराना तथा यथासंभव बैठक में भाग लेना.
# प्रत्येक 03 माह में पीटीएम का आयोजन कराना एवं उसमें भाग लेना.
# विद्यालय की साफ-सफाई सुनिश्चित कराना। विद्यालय के माहौल में आवश्यक सुधार कराना.
# संबंधित पदाधिकारियों को विद्यालय का आवंटन 04 माह के लिए किये गये है, तदनुपरांत आवंटित विद्यालय को परिवर्तित की जायेगी.

