
उदित वाणी, रांची : भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे. भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने इसे ऐतिहासिक मौका बताया है.
प्रतुल शाह देव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह एक बहुत ही ऐतिहासिक मौका होगा. नितिन नबीन अपना नामांकन दाखिल करेंगे और जैसा कि उम्मीद है, यह एक औपचारिकता है और वह राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे. यह भाजपा की खूबसूरती है कि साधारण से साधारण कार्यकर्ता जिसने बूथ लेवल से काम शुरू किया हो, वह पार्टी के सबसे बड़े पद तक जा सकता है.”
उन्होंने कहा कि यह पूरे देश के युवाओं को एक साफ संदेश देता है कि भारतीय जनता पार्टी में मेहनत और समर्पण के दम पर कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है.
भाजपा के नेशनल रिटर्निंग ऑफिसर और राज्यसभा सदस्य के. लक्ष्मण द्वारा जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए नामांकन दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच जमा किए जा सकते हैं. पूरी चुनाव प्रक्रिया पार्टी हेडक्वार्टर में होगी.
शेड्यूल के अनुसार, नामांकन पेपर की जांच नामांकन फाइल करने की विंडो बंद होने के तुरंत बाद शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच होगी. उम्मीदवारों को शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच अपना नामांकन वापस लेने की इजाजत होगी. अगर नामांकन वापस लेने की अवधि के बाद एक से ज्यादा वैध नामांकन बचते हैं, तो 20 जनवरी को वोटिंग होगी.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए प्रतुल शाह देव ने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि ममता बनर्जी तुष्टीकरण और बांग्लादेशी घुसपैठियों को रेगुलर करने को प्राथमिकता देती हैं, उन्हें वोटर आईडी और आधार कार्ड देती हैं, जबकि केंद्र सरकार बार-बार जिस 400-500 किमी इलाके की फेंसिंग के लिए कह रही है, उसे पश्चिम बंगाल सरकार पूरा नहीं कर पा रही है.
उन्होंने माघ मेला पर कहा कि 12 साल बाद 3-4 करोड़ लोगों की रिकॉर्ड भीड़ थी और इतनी बड़ी भीड़ में हमेशा अस्थिरता का खतरा रहता है. जब भीड़ इतनी ज्यादा होती है तो पूरा प्रशासनिक तंत्र इसमें शामिल हो जाता है. फिर भी भगवान की कृपा से सब कुछ ठीक-ठाक रहा. प्रशासन ने शंकराचार्य से पालकी से उतरकर करीब 100 मीटर पैदल चलने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. उनके शिष्य भड़क गए और कहासुनी हो गई.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर प्रतुल शाह देव ने कहा, “हमारे पड़ोसी पाकिस्तान और चीन के बीच का गठजोड़ वाकई चिंताजनक है. पिछले 11 सालों में पीएम मोदी की करिश्माई लीडरशिप में भारत एक ग्लोबल पावर बनकर उभरा है, नहीं तो इन दोनों देशों के बीच का गठजोड़ भारत के लिए चिंताजनक हालात पैदा कर सकता था.”
(आईएएनएस)

