
उदित वाणी, रांची : झारखंड की राजधानी रांची से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित है नेमरा गांव. झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन का गांव. राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का गांव. यह गांव अब तक ऐसा ही था, जैसे झारखंड के बाकी गांव.
लेकिन, पिछले आठ दिनों में गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. नेमरा पहले से पक्की सड़क से जुड़ा था, लेकिन उसकी हालत बहुत अच्छी नहीं थी. अब इसे बेहतरीन पक्की सड़क में बदलने का काम लगभग पूरा हो चुका है. बिजली से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक पूरी तरह दुरुस्त हो चुका है.
दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त को नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में हुआ था. अगले दिन, 5 अगस्त को गांव के घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुखाग्नि दी थी. उस समय से सीएम सोरेन पूरे परिवार के साथ लगातार गांव में हैं. गांव में गुरुजी के श्राद्ध-कर्म की तैयारियां चल रही हैं. 15 अगस्त को दशकर्म होगा और 16 अगस्त को संस्कार भोज का आयोजन होगा.
कार्यक्रम के लिए देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस अध्यक्ष, कई मुख्यमंत्रियों और देश-राज्य के राजनेताओं एवं विशिष्ट हस्तियों को आमंत्रण भेजा गया है. उम्मीद की जा रही है कि लाखों लोग गुरुजी को श्रद्धांजलि देने आएंगे.
इसी के मद्देनजर गांव में व्यापक तैयारियां चल रही हैं. वीआईपी अतिथि सीधे हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे. इसके लिए गांव में चार हेलीपैड बनाए गए हैं. तीन घर के पास हैं. एक लुकईयाटांड़ रोड पर है. व्यवस्था की निगरानी के लिए विभिन्न विभागों के अफसरों की बाकायदा ड्यूटी लगाई गई है. इनमें एक दर्जन से ज्यादा आईएएस-आईपीएस हैं. 40 डीएसपी की भी तैनाती की गई है. सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रखी गई है.
गुरुजी के पैतृक घर के आसपास 300 मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर दी गई है. यहां केवल वीआईपी और करीबी लोग जा पाएंगे. पार्किंग व्यवस्था भी बेहतर की गई है. मुख्य पार्किंग लुकईयाटांड़ के पास तीन किलोमीटर दूर है. वीआईपी के लिए एक किलोमीटर दूर पार्किंग बनाई गई है. आम लोगों की गाड़ियां मुख्य पार्किंग में रहेंगी. वहां से लोगों को 300 ई-रिक्शा पंडाल तक ले जाएंगे. पांच बड़े पंडाल बनाए गए हैं. उनमें से एक वीआईपी पंडाल है. चार जगह गुरुजी की तस्वीर लगाई गई है. श्रद्धालु वहां पुष्प अर्पित करेंगे.
(आईएएनएस)

