
उदित वाणी, रांची : शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच कर रही एसीबी ने दो दिनों की रिमांड पर लेकर पूर्व उत्पाद आयुक्त सह सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमित प्रकाश व छत्तीसगढ़ के कारोबारी सिद्धार्थ सिंघानिया से पूछताछ शुरू की. एसीबी ने सिंघानिया से राज्य में शराब की खुदरा बिक्री में छत्तीसगढ़ मॉडल को लागू करने व 450 करोड़ के गबन करने के मुद्ये पर पूछताछ की.
एसीबी सिंघानिया से यह जानने का प्रयास कर रही है कि उसे झारखंड के शराब कारोबार में प्रवेश करने में किसने सहयोग किया और उसके सिंडिकेट में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं. इसके बदले में अधिकारियों को कैसे उपकृत किया गया. बताया गया कि एसीबी के सवालों पर सिंघानियां ने संतोषजनक जबाब नहीं दिया. कुछ सवालों में उसने छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों की जानकारी दी. उसने बताया कि वह छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार में सक्रिय था. इसी कारण उसे झारखंड में भी आसानी से काम मिल गया था. वहीं करीब 450 करोड़ के घोटाले पर उसने एसीबी को गोलमटोल जवाब दिया है.
इधर पूछताछ के दौरान पूर्व उत्पाद आयुक्त सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमित प्रकाश ने एसीबी को बताया कि एमआरपी से अधिक वसूली, मिलावटी शराब की बिक्री, अवैध शराब की आपूर्ति के मामले में विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की गई. जिसने गलत किया, उसपर कार्रवाई की गई. खुदरा शराब दुकानों के कर्मियों से लेकर प्लेसमेंट एजेंसियों के विरुद्ध भी जुर्माने की कार्रवाई की गई है. बताया गया कि अमित प्रकाश के जबाब से एसीबी के अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए.
