
उदित वाणी, रांची : खरसावां गोलीकांड के शहीदों की पहचान के लिए 77 साल के लंबे अर्से के बाद अब झारखंड सरकार उच्चस्तरीय न्यायिक जांच आयोग गठित करेगी. बुधवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में खरसावां के विधायक दशरथ गागराई के ध्यानाकर्षण सूचना पर जबाब देते हुए गृह विभाग के प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने उक्त घोषणा की है. गौरतलब है कि 1 जनवरी 1948 को स्वतंत्र भारत के ठीक बाद खरसवां गोलीकांड को अंजाम दिया गया था.
1 जनवरी को खरसावां में लाखों की संख्या में भीड़ जुटी थी. यह स्वतंत्र भारत में जलियावाला बाग जैसी पहली घटना थी. प्रभारी मंत्री ने कहा कि खरसावां गोलीकांड आदिवासी संघर्ष और शहादत का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि शहीद हुए लोगों की पहचान के लिए 9 जनवरी 2015 को एक भी समिति का गठन किया गया था. समिति ने स्वीकार किया है कि मामले में व्यापक जांच-पड़ताल की आवश्यकता है. जब तक जांच-पड़ताल नहीं होगी. तब तक वस्तुस्थिति का आकलन नहीं हो पायेगा कि कितने लोग शहीद हुए और कहां-कहां से लोग आये थे.
समिति के लोगों ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी जांच की गई थी. जिसमें सिर्फ 2 लोगों का ही पता चल पाया था. वहीं मामले में विधायक दशरथ गागराई ने सदन में कहा कि जलियांवाला बाग की घटना सरकारी दस्तावेज में दर्ज है. लेकिन खरसावां गोली कांड का कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं है. उन्होंने कहा कि 1 जनवरी को देश भर के लोग नये साल का उत्सव मनाते हैं. लेकिन खरसावां एकमात्र ऐसी जगह है. जहां लोग 1 जनवरी को शहीद दिवस मनाते हैं. राज्य गठन को 25 बर्ष पूरे हो गए. लेकिन शहीदों की पहचान नहीं हो पायी. उन्होंने झारखंड सरकार से मांग की है कि राज्य स्तर पर एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया जाय, ताकि शहीदों की पहचान की जा सके.
टाटा लीज नवीकरण रिपोर्ट आने के बाद सबलीज भूमि की रजिष्ट्री पर होगा विचार
जमशेदपुर पूर्वी की भाजपा विधायक श्रीमती पूर्णिमा साहू ने टाटा कमांड एरिया में लीज की जमीनों की रजिष्ट्री पिछले आठ बर्षों से बंद होने का मामला उठाया. इस पर भूमि सुधार, राजस्व व निबंधन मंत्री दीपक बिरूवा ने उत्तर देते हुए बताया कि टाटा कमांड एरिया सरकारी जमीन है. इस पर मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता है. परंतु पूर्णिमा साहू ने कहा कि टाटा लीज अंतर्गत सबलीज एरिया में भूमि की खरीद बिक्री होती रही है. परंतु पिछले आठ बर्षों से जमीन की रजिष्ट्री बंद कर दी गई है. जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है. मामले में पूर्णिमा साहू के अलावा भाजपा के मुख्य सचेतक विधायक नवीन जायसवाल व जदयू सरयू राय ने भी हस्तक्षेप किया. इसके बाद मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि टाटा लीज नवीनीकरण को लेकर पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमिटी गठित की गई है. कमिटी की रिपोर्ट आने के बाद इस पर विचार किया जायेगा. विधायक पूर्णिमा साहू ने शून्यकाल में तेली समाज के परंपरागत पेशे को जीवित करने के लिए राज्य में घानी बोर्ड बनाने की मांग की.
राज्य में एकमुश्त 900 राजस्व कर्मचारी किये जायेंगे बहाल
राजस्व मंत्री दीपक बिरूआ ने सदन में बताया कि पलामू में राजस्व उपनिरीक्षकों की बहाली होने के बाद राज्य में एकमुश्त 900 राजस्व उप निरीक्षकों की बहाली प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी. उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में राजस्व उप निरीक्षकों की कमी है. बिरूआ झामुमो विधायक सुदीप गुड़िया द्वारा बानो, तोरपा, रनिया व कर्रा अंचलों में राजस्व उप निरीक्षकों की कमी का मामला उठाये जाने पर सरकार की ओर से उत्तर दे रहे थे.

