
उदित वाणी, रांची : ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली झारखंड की बहुचर्चित जोहार परियोजना को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है. इसी क्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर इस परियोजना को और अधिक विस्तार देने के मुद्ये पर चर्चा की. ज्ञात हों कि ग्रामीण विकास विभाग के तहत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा संचालित जोहार परियोजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी है और विश्व बैंक ने झारखंड में चल रही इस जोहार परियोजना की जमकर प्रशंसा की है.
इस परियोजना के तहत पिछले चार बर्षों में महिलाओं के नेतृत्व में गठित 21 फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन ने मिलकर करीब 21 मिलियन अमेरिकी डॉलर का कारोबार किया है. यह न सिर्फ आर्थिक रूप से उल्लेखनीय है. बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण भी है. विश्व बैंक ने रांची के कांके क्षेत्र में काम कर रहे एक उत्पादक समूह की अध्यक्ष आशा देवी और उनके जैसी हजारों महिलाओं की उपलब्धियों की बिशेष सराहना की है.
अपने आधिकारिक एक्स में पोस्ट कर विश्वबैंक ने लिखा कि आज हम अपने व्यवसाय के हर पहलू को समझते हैं. लाभ के मार्जिन से लेकर बाजार की मांग तक हमने मिलकर संवाद करना सीखा है और अब हम जानते हैं कि हमें किसी भी हाल में कम पर समझौता नहीं करना है. इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी एक्स पर इस पोस्ट को साझा करते हुए लिखा कि झारखंड की मेरी माताएं-बहनें आज सशक्त होकर आगे बढ़ रही हैं.आप सभी ऐसे ही आगे बढ़ती रहें. आपका यह बेटा और भाई हमेशा आपके साथ है. जोहार परियोजना आज झारखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की मिसाल बन चुकी है.

