
उदित वाणी, जमशेदपुर : डिमना रोड स्थित एमजीएम अस्पताल में सोमवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब एक साथ दस युवतियां नौकरी के लिए अस्पताल पहुंचीं। अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षाकर्मियों ने जब उनसे पूछताछ की तो पूरा मामला अवैध तरीके से पैसा लेकर नौकरी दिलाने के खेल का भंडाफोड़ बनकर सामने आया।
पीड़ित युवतियों में शामिल काजल पाल ने बताया कि सभी महिलाएं गोविंदपुर रेलवे लाइन किनारे की रहने वाली हैं। गोविंदपुर का ही एक युवक उन्हें लंबे समय से अस्पताल में नौकरी दिलाने का आश्वासन दे रहा था। आरोपी ने प्रत्येक महिला से एक-एक हजार रुपये की नकद राशि ली थी। इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी भी अपने पास रख ली थी।
सोमवार को वह युवक सभी को अस्पताल लेकर पहुंचा और उन्हें कैंटीन में बैठाकर कहा कि थोड़ी देर में काम शुरू करा देगा। लेकिन थोड़ी ही देर बाद वह बहाना बनाकर वहां से चला गया और फिर वापस नहीं लौटा। काफी देर इंतजार करने के बाद जब युवतियों को शक हुआ तो उन्होंने अस्पताल में तैनात होमगार्ड जवानों से मदद मांगी।
इसके बाद सभी पीड़ित महिलाएं अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आर.के. मंधान से मिलीं और पूरी घटना की जानकारी दी। अधीक्षक ने गंभीरता दिखाते हुए महिलाओं को सीधे गोविंदपुर थाना जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी, ताकि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
घटना से यह साफ हो गया है कि बेरोजगारी और आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का जाल फैला रहे हैं। एमजीएम अस्पताल में हुआ यह खुलासा प्रशासन और पुलिस के लिए चेतावनी है कि ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई कर युवाओं को ठगी से बचाया जाए।
