
उदित वाणी, दावोस/रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दूरदर्शी नेतृत्व में झारखंड सरकार और टाटा स्टील ने विश्व आर्थिक मंच में 11,100 करोड़ के ऐतिहासिक लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए. यह साझेदारी ग्रीन स्टील प्रौद्योगिकियों से कार्बन-न्यूट्रल भविष्य और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन सुनिश्चित करेगी. टाटा स्टील के एमडी-सीईओ टी.वी. नरेंद्रन भी मौजूद रहे.
अगली पीढ़ी के आयरनमेकिंग का सूत्रपात
HISARNA और EASyMelt जैसी क्रांतिकारी तकनीकों पर 7,000 करोड़ का निवेश होगा. HISARNA स्वदेशी कोयले से कार्बन उत्सर्जन में 80% कमी लाएगी, जबकि EASyMelt कोक खपत घटाकर 50% उत्सर्जन कम करेगी. 2030 तक जमशेदपुर में 1 मिलियन टन क्षमता का संयंत्र बनेगा.
औद्योगिक बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण
कॉम्बी मिल पर 1,500 करोड़ और टिनप्लेट विस्तार पर 2,600 करोड़ खर्च होंगे. ये कदम उच्च-तकनीकी रोजगार पैदा करेंगे और डी-कार्बोनाइजेशन में भारत को अग्रणी बनाएंगे.
प्रकृति के साथ सामंजस्य में आर्थिक विकास
झारखंड औद्योगिक प्रगति को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ेगा. राज्य की 25वीं वर्षगांठ पर यह समझौता खनन से हरित नवाचार की ओर संक्रमण का प्रतीक है. औद्योगिक पर्यटन के लिए अलग एमओयू भी हुआ.
युवा झारखंड को मिलेगी नई ऊर्जा
नरेंद्रन ने मुख्यमंत्री की दावोस भागीदारी की सराहना की. आईटीआई गोद लेने पर सहमति बनी. टाटा डोम में रात्रिभोज का न्योता भी स्वीकार किया गया.

