
उदित वाणी, रांची : राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर निकाय चुनाव की तैयारी को लेकर गुरूवार को अहम बैठक बुलायी गई है. बताया गया कि इस बैठक के बाद शहरी निकायों के चुनाव की घोषणा कभी भी की जा सकती है. वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिए होनेवाली इस समीक्षा बैठक में राज्य के सभी जिलों के डीसी-एसपी के अलावा नगर विकास सचिव, डीजीपी और गृहसचिव समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा समीक्षा बैठक के दौरान निकाय चुनाव की तैयारियों और सुरक्षा बलों की तैनाती समेत कई बिन्दुओं पर चर्चा की जाएगी. आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार को दोपहर 12 बजे से समीक्षा बैठक आहूत की गई है. जिसमें राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी के साथ-साथ आला अधिकारी मौजूद रहेंगे. वहीं आशंका जतायी जा रही है कि अगर चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर की घोषणा कर दी जाती है, तो संवैधानिक रूप से नगर निकाय चुनाव पर ग्रहण लग सकता है.
एसआईआर से निकाय चुनाव नहीं होगा प्रभावित-राज्य निर्वाचन आयोग
वहीं राज्य निर्वाचन अयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने साफ करते हुए कहा कि एसआईआर की वजह से नगर निकाय चुनाव प्रभावित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि एक साथ दोनों प्रक्रिया जारी रह सकती है.
जल्द चुनाव कराने की सरकार की मंशा नहीं- याचिकाकर्ता
इधर झारखंड हाईकोर्ट में नगर निकाय चुनाव के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने वाले याचिकाकर्ता अरुण कुमार झा ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की मंशा निकाय चुनाव को जल्द कराने की नहीं है. उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा न हो कि एसआईआर के कारण एक बार फिर यह चुनाव तत्काल टल जाय. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य में एसआईआर की तिथि की घोषणा किये जाने पर 3 महीने का वक्त लगेगा. इसके बाद नए सिरे से मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा. फिर उसके आधार पर मतदान कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की विवशता होगी.
16 फरवरी से राज्य में एसआईआर संभव
वहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार झारखंड में मतदाताओं का बिशेष गहन पुनरीक्षण का काम फरवरी के दूसरे सप्ताह से शुरू किया जा सकता है. अगर पैरेंटल मैपिंग समेत प्रारंभिक तैयारियों से भारत निर्वाचन आयोग के संतुष्ट होने पर 16 फरवरी से एसआईआर की शुरूआत हो सकती है. इधर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार के अनुसार ऐसे लोग जिनका 2003 या अन्य बर्षों में हुए बिशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान दूसरे राज्य के वोटर लिस्ट में नाम दर्ज है. उनका वेरिफिकेशन बीएलओ ऐप के माध्यम से फिजिकल वेरिफिकेशन के जरिए बीएलओ करेंगे.
जिसमें उस राज्य के वोटर लिस्ट से मिलान करके कंफर्मेशन किया जायेगा. जबकि जो पहली बार वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना चाहते हैं. वह एक घोषणा पत्र के साथ माता या पिता के दस्तावेज के साथ फार्म-6 भरकर बीएलओ को जमा कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि राज्य में पैरेटल मैपिंग का काम अंतिम चरण में है. इसके बाद मतदाताओं के बिशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया फिजिकल वेरिफिकेशन के आधार पर होगी.

